कोरबा | औद्योगिक जगत में महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए कोल इंडिया लिमिटेड की सहायक कंपनी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने कोरबा स्थित अपनी केंद्रीय कार्यशाला में पूरी तरह महिलाओं द्वारा संचालित पहली केंद्रीय भंडार इकाई की शुरुआत की है।
भारत सरकार के विशेष अभियान 5.0 के तहत शुरू की गई यह पहल, बिलासपुर में महिलाओं द्वारा संचालित पहली डिस्पेंसरी की सफलता के बाद एसईसीएल की एक और उपलब्धि मानी जा रही है। यह कदम संगठन की ‘नारी शक्ति से राष्ट्र शक्ति’ की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।
नई केंद्रीय भंडार इकाई में स्पेयर पार्ट्स की आपूर्ति और इन्वेंट्री प्रबंधन का जिम्मा आठ महिला अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम के हाथों में रहेगा। इस टीम का नेतृत्व वरिष्ठ प्रबंधक (ई एंड एम) सपना इक्का कर रही हैं, जो आईआईटी (आईएसएम) धनबाद की पूर्व छात्रा हैं। यह पूरी यूनिट आधुनिक एसएपी-आधारित डिजिटल सिस्टम पर काम करेगी, जिससे संचालन में दक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन से हुई, जिसके बाद एसईसीएल के सीएमडी हरीश दुहन ने फीता काटकर औपचारिक उद्घाटन किया। इस मौके पर निदेशक (तकनीकी/संचालन) एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (तकनीकी/योजना एवं परियोजनाएं) आर.सी. महापात्रा और मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन मौजूद रहे। समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिला कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया।

अपने संबोधन में सीएमडी हरीश दुहन ने कहा कि यह पहल कोल इंडिया के समावेशी विकास की दिशा में एक प्रगतिशील कदम है। उन्होंने कहा, “बिलासपुर में महिलाओं द्वारा संचालित डिस्पेंसरी की सफलता के बाद अब कोरबा में एक प्रमुख परिचालन इकाई महिलाओं के नेतृत्व में काम कर रही है, यह गर्व की बात है। यह पहल कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी के उस विज़न को साकार करती है, जो कोयला क्षेत्र में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और नेतृत्व को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।”

महिलाओं के नेतृत्व में संचालित यह केंद्रीय भंडार इकाई कोल इंडिया की उस दिशा को और मजबूत करती है, जहां लैंगिक समानता और आत्मनिर्भरता सिर्फ नारा नहीं, बल्कि काम के हर क्षेत्र में साकार होती दिख रही है। यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विज़न को जमीन पर उतारने का एक शानदार उदाहरण है।




















