प्रदेश रूचि

वनौषधि से कैंसर-किडनी जैसे रोगों के इलाज की दिशा में बड़ा कदम – विकास मरकाम से मुलाकात

पंचगव्य से शोध आधारित इलाज की दिशा में बड़ा कदम,पंचगव्य डॉक्टर एसोसियेशन छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि मंडल ने पादप बोर्ड अध्यक्ष विकास मरकाम से की मुलाकात

बालोद। परंपरागत चिकित्सा पद्धति और वनौषधियों के जरिए गंभीर बीमारियों के उपचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पंचगव्य डॉक्टर एसोसियेशन छत्तीसगढ़ के पदाधिकारियों ने हाल ही में आदिवासी परंपरागत स्वास्थ्य एवं वनौषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष  विकास मरकाम से मुलाकात की। यह सौजन्य भेंट विधानसभा स्थित अरण्य भवन में संपन्न हुई।

इस प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व प्रसिद्ध नाड़ी विशेषज्ञ एवं गव्य सिद्ध डॉ. पुरुषोत्तम सिंह राजपूत, उपाध्यक्ष – पंचगव्य डॉक्टर एसोसियेशन छत्तीसगढ़ ने किया।

मुलाकात के दौरान एसोसियेशन ने पादप बोर्ड अध्यक्ष श्री मरकाम को आवेदन सौंपा, जिसमें पंचगव्य और वनौषधि के संयुक्त शोध के जरिए कैंसर, किडनी, लकवा, स्पोंडलाइटिस, उदर रोग, संग्रहणी, हृदयरोग, साइटिका, नपुंसकता, निःसंतानता और बवासीर जैसी गंभीर बीमारियों के सफल इलाज की संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी गई।

प्रतिनिधि मंडल ने राज्य में पंचगव्य वैद्यों के संगठन की गतिविधियों और जिला स्तर पर हो रहे कार्यों का ब्यौरा भी प्रस्तुत किया। उन्होंने मांग रखी कि पंचगव्य डॉक्टर एसोसियेशन छत्तीसगढ़ को भी पादप बोर्ड से मान्यता प्रदान की जाए, ताकि परंपरागत वैद्यों को संस्थागत पहचान और अनुसंधान कार्यों को गति मिल सके।

अध्यक्ष मरकाम ने एसोसियेशन की पहल की सराहना करते हुए सभी विषयों पर गंभीरता से विचार करने और समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने 8 अक्टूबर को साइंस कॉलेज स्थित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय वैद्यों के सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित भी किया।

इस अवसर पर प्रतिनिधि मंडल में राजभान कुशवाहा (सचिव), डीलेश्वर साहू, जगदीश पटेल, ज्योति सिंह, टेमिन साहू, पूजा साहू सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!