
2.79 किलोमीटर लंबी यह टनल रायपुर–विशाखापट्टनम आर्थिक गलियारे (NH-130CD) का हिस्सा है, जिसका निर्माण अभनपुर परियोजना कार्यान्वयन इकाई द्वारा किया जा रहा है। जब यह ट्विन ट्यूब टनल पूरी तरह से तैयार होगी, तब रायपुर से विशाखापट्टनम तक की यात्रा पहले से कहीं तेज और सुगम हो जाएगी। इससे न केवल व्यापार और उद्योग को नई गति मिलेगी, बल्कि छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच संपर्क भी मजबूत होगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि को “समृद्ध और सशक्त छत्तीसगढ़” की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि सड़क और परिवहन अधोसंरचना प्रदेश की प्रगति की रीढ़ है। इस टनल से पर्यटन, व्यापार और सामाजिक जुड़ाव के नए रास्ते खुलेंगे और आम लोगों को भी बेहतर सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और NHAI की पूरी टीम का आभार जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन के अनुरूप यह परियोजना आने वाली पीढ़ियों के लिए विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी।

छत्तीसगढ़ की यह पहली राष्ट्रीय राजमार्ग सुरंग न केवल इंजीनियरिंग का अद्भुत उदाहरण है, बल्कि यह उस बदलते भारत की तस्वीर भी पेश करती है, जो गति, गुणवत्ता और समयसीमा—तीनों पर खरा उतर रहा है।




















