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महतारी वंदन और ग्रामीण बस योजना से छत्तीसगढ़ में नई उम्मीदें, अमित शाह ने किया ऐतिहासिक ऐलान

रायपुर।छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण परिवहन को नई दिशा देने वाले दो बड़े कदम आज जगदलपुर से उठाए गए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बस्तर दशहरा और मुरिया दरबार के मौके पर महतारी वंदन योजना की 20वीं किस्त जारी करते हुए 65 लाख महिलाओं के बैंक खातों में 606.94 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। साथ ही मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का शुभारंभ कर बस्तर और सरगुजा के 250 गांवों को पहली बार बस सेवा से जोड़ा।

महिलाओं के जीवन में नई रोशनी

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि हर महिला आत्मनिर्भर और सशक्त बने। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और सम्मान की नई ऊर्जा देने वाला कदम है। छत्तीसगढ़ में 21 वर्ष से अधिक आयु की विवाहित महिलाओं को हर माह 1,000 रुपये की सहायता दी जा रही है। अब तक 19 किस्तों में 12,376 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि दी जा चुकी थी, जबकि 20वीं किस्त के साथ यह आंकड़ा 12,983 करोड़ से पार हो गया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह योजना प्रदेश की बहनों को आर्थिक स्वतंत्रता के साथ समाज और परिवार में नई पहचान दिला रही है। उन्होंने इसे मोदी की गारंटी का सच्चा उदाहरण बताते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता हर महिला को सशक्त बनाना है।

ग्रामीण बस योजना से जुड़ेगा दूरस्थ छत्तीसगढ़

जगदलपुर से मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना की शुरुआत करते हुए अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद का अंत अब दूर नहीं और विकास की मुख्यधारा से बस्तर और सरगुजा के सुदूर गांव भी जुड़ेंगे। इस योजना के पहले चरण में 11 जिलों के 34 मार्गों पर 34 बसें चलाई जाएंगी, जिससे 250 गांव पहली बार बस सेवा से जुड़ेंगे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह पहल गांव से जिला मुख्यालय तक सुगम कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगी। स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और बाजार तक पहुंच आसान होगी और ग्रामीणों का समय व पैसा दोनों बचेंगे। बस संचालकों को वायबिलिटी गैप फंडिंग दी जाएगी ताकि सेवा लगातार और सस्ती बनी रहे।

मुरिया दरबार में संवाद और नक्सलवाद पर सख्त संदेश

अमित शाह मुरिया दरबार में शामिल होकर मांझी-चालकी से सीधे संवाद में जुड़े। उन्होंने अपील की कि जिन युवाओं ने हथियार उठा लिए हैं, वे आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटें। शाह ने ऐलान किया कि मार्च 2026 तक बस्तर को नक्सलवाद से मुक्त कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां के युवा डॉक्टर, इंजीनियर और प्रशासनिक अधिकारी बनकर प्रदेश और देश की सेवा करें।

मुख्यमंत्री साय ने इस मौके पर बस्तर दशहरा पर्व के लिए अनुदान को 25 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये करने की घोषणा की। साथ ही दशहरा पर्व के पारंपरिक स्थलों के विकास कार्य भी कराने की बात कही।

आदिवासी व्यंजनों का स्वाद और सांस्कृतिक एकजुटता

लालबाग मैदान में आयोजित अभिनंदन भोज में अमित शाह और मुख्यमंत्री साय मांझी-चालकी, मेंबर और मेंबरीन के साथ शामिल हुए। शाह ने पारंपरिक आदिवासी व्यंजनों की तारीफ करते हुए कहा कि ये बस्तर की संस्कृति और जीवन मूल्यों का अनूठा परिचय देते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भोज भाईचारे और सांस्कृतिक समरसता का प्रतीक है, जो बस्तर की समृद्ध आदिवासी परंपरा को और जीवंत बनाता है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, सांसद महेश कश्यप, मंत्रीगण और क्षेत्र के विधायक सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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