
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक मलखम और अखाड़ा दल की विशेष प्रस्तुतियों से हुई, जिसने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। इसके बाद आकर्षक झांकियों के माध्यम से भगवान श्रीराम की जीवन लीला और रावण का अहंकार दर्शाया गया। राम और रावण की झांकी ने माहौल को जीवंत बना दिया।

मुख्य आकर्षण रहा रावण वध युद्ध नाट्य मंचन, जिसके बाद 35 फीट ऊँचे रावण के पुतले का दहन किया गया। इस क्षण पर बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीकात्मक संदेश पूरे मैदान में गूंज उठा और लोगों ने तालियों और जयकारों के साथ उत्सव को यादगार बना दिया।
इस मौके पर विधायक संगीता सिन्हा, नगर पालिका बालोद अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी, उपाध्यक्ष कमलेश सोनी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। नगर के विभिन्न सामाजिक संगठनों और समितियों के पदाधिकारी भी आयोजन में शामिल हुए।

नगरवासियों की भारी भागीदारी ने आयोजन को और भी विशेष बना दिया। दशहरा उत्सव समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी परंपरा और भव्यता को बरकरार रखते हुए कार्यक्रम आयोजित किया गया है, जिसमें नगरवासियों का सहयोग और उत्साह प्रेरणादायी रहा।




















