नवरात्रि की पावन बेला और दशहरे से ठीक एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में किसानों के लिए दो बड़े फैसले लिए गए। एक ओर महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय दलहन मिशन को मंजूरी दी गई, तो दूसरी ओर रबी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी का ऐलान हुआ।

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि दलहन मिशन का लक्ष्य वर्ष 2030-31 तक उत्पादन को 242 लाख टन से बढ़ाकर 350 लाख टन करना है। इसके लिए देशभर के 416 जिलों में विशेष कार्यक्रम चलेंगे। मिशन में चावल के परती क्षेत्र का उपयोग, बेहतर बीज, इंटरक्रॉपिंग, सिंचाई, मार्केट लिंकेज और तकनीकी सहायता शामिल होगी। किसानों को तूर, उड़द और मसूर जैसी फसलों की 100% खरीद एमएसपी पर की जाएगी। अगले वित्त वर्ष (2025-26) में इस मिशन के लिए 11,440 करोड़ रु. का बजट रखा गया है।

रबी फसलों की नई MSP (2026-27 विपणन मौसम के लिए)
गेहूं: ₹2585 प्रति क्विंटल (160 रु. की बढ़ोतरी)
जौ: ₹2150 (170 रु. की बढ़ोतरी)
चना: ₹5875 (225 रु. की बढ़ोतरी)
मसूर: ₹7000 (300 रु. की बढ़ोतरी)
रेपसीड/सरसों: ₹6200 (250 रु. की बढ़ोतरी)
कुसुम्भ: ₹6540 (600 रु. की सबसे बड़ी बढ़ोतरी)
नई एमएसपी से किसानों को लागत पर 50% से लेकर अधिकतम 109% तक का लाभ मिलेगा। गेहूं में सबसे ज्यादा 109% का फायदा होगा, जबकि सरसों और रेपसीड में 93%, मसूर में 89%, चना में 59%, जौ में 58% और कुसुम्भ में 50% का लाभ मिलेगा।

पिछले 10 सालों में दोगुनी से ज्यादा बढ़ोतरी
2014-15 से अब तक रबी फसलों की एमएसपी में ऐतिहासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
गेहूं: ₹1400 से बढ़कर ₹2585
जौ: ₹1100 से बढ़कर ₹2150
चना: ₹3100 से बढ़कर ₹5875
मसूर: ₹2950 से बढ़कर ₹7000
सरसों: ₹3050 से बढ़कर ₹6200
कुसुम्भ: ₹3000 से बढ़कर ₹6540
इस तरह हर फसल की एमएसपी दोगुना या उससे ज्यादा बढ़ी है, जिससे किसानों की आय और देश की खाद्य-पोषण सुरक्षा दोनों को मजबूती मिली है।
कृषि मंत्री ने कहा कि कैबिनेट के ये फैसले किसान कल्याण, फसल विविधीकरण और खाद्य सुरक्षा की दिशा में ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होंगे।




















