बालोद पुलिस ने धोखाधड़ी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए आदतन अपराधी अश्वनी कुमार डडसेना को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर आश्रम संचालक को खाली जमीन बताकर 74 लाख 68 हजार रुपये का फर्जी सौदा कर ठगा।
कैसे हुआ धोखाधड़ी का खेल
प्रार्थी दीनदयाल जेठूमल (47), निवासी वार्ड क्रमांक 20, पाररास (बालोद) और संचालक योग वेदांत फाउंडेशन ने 22 सितंबर को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 25 जुलाई से 13 अगस्त 2025 के बीच आरोपी परस राम साहू, अश्वनी डडसेना और अन्य लोगों ने मिलकर जमीन का सौदा करने का झांसा दिया।
आरोपियों ने इकरारनामा कराने के नाम पर जेठूमल से आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज लिए और सीधे रजिस्ट्री कार्यालय ले जाकर सौदा करा दिया। जिस जमीन पर लाखों का भवन निर्माण था, उसे “खाली भूमि” बताकर धोखे से कागजात तैयार करवा लिए। सौदे की शेष राशि के एवज में आरोपियों ने 74.68 लाख रुपये का चेक दिया, जो 13 अगस्त को बैंक में जमा करने पर बाउंस हो गया।
पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अपराध क्रमांक 404/2025 धारा 318(4), 3(5), 61(2) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया।
पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज रामगोपाल गर्ग के निर्देश, पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल के मार्गदर्शन और एएसपी मोनिका ठाकुर व एसडीओपी देवांश सिंह राठौर के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। टीम ने आरोपी अश्वनी कुमार डडसेना (59), निवासी ग्राम अंगारी, को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
आपराधिक पृष्ठभूमि भी भारी
आरोपी अश्वनी डडसेना के खिलाफ पहले भी धोखाधड़ी, मारपीट और गाली-गलौच जैसे कई अपराध दर्ज हैं। उसके विरुद्ध थाना बालोद, जामगांव आर, उतई, पुरानी भिलाई, भिलाई नगर, कोतवाली दुर्ग और अमलेश्वर थाना में मामले दर्ज हैं।
गौरतलब है कि अश्वनी डडसेना ग्राम पंचायत अंगारी के सरपंच पति भी है।




















