बालोद। बीती रात अपने एक दिवसीय प्रवास पर बालोद पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जिले के सुप्रसिद्ध मां गंगा मइया मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने चुनरी अर्पित कर माता की आरती उतारी और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान उन्होंने कहा कि शारदीय नवरात्र का छत्तीसगढ़ में विशेष महत्व है, यहां हर घर-गांव में माताएं विराजमान होती हैं। लोग उपवास रखते हैं, ज्योत-ज्वारा और सेवा-गीत के माध्यम से मां को प्रसन्न करते हैं। इसी परंपरा के अनुरूप उन्होंने गंगा मइया से प्रदेश की खुशहाली और शांति की प्रार्थना की। उनके साथ क्षेत्रीय विधायक संगीता सिन्हा सहित कांग्रेस के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

सरकार पर बरसे बघेल
मंदिर दर्शन के बाद मीडिया से चर्चा में बघेल ने राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि “कवर्धा में आदिवासी महिला से गैंगरेप और बालोद में 9 साल की मासूम के साथ दुष्कर्म की घटना ने यह साबित कर दिया है कि सरकार की प्रशासन पर कोई पकड़ नहीं रही। छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था नाम की चीज ही नहीं बची है।”
भाजपा का पलटवार
बघेल के बयान पर भाजपा ने भी पलटवार किया। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन ने कहा कि “भूपेश बघेल को नैतिक रूप से बोलने का कोई अधिकार नहीं है। उनके शासनकाल में छत्तीसगढ़ भ्रष्टाचार का गढ़ बन गया था। विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश की कानून व्यवस्था मजबूत हुई है। इसी कारण नक्सली लगातार मारे जा रहे हैं और प्रशासनिक व्यवस्था सुदृढ़ है।”
एक ओर जहां पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बालोद जिले के मां गंगा मइया के दरबार में मत्था टेकते हुए प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की, वहीं दूसरी ओर उन्होंने सरकार को कानून-व्यवस्था पर घेरा। जवाब में भाजपा ने पलटवार करते हुए बघेल के कार्यकाल को भ्रष्टाचार का दौर करार दिया। नवरात्रि के शुभ अवसर पर मंदिर दर्शन से शुरू हुई यह यात्रा, सियासी आरोप-प्रत्यारोप में बदल गई।




















