राकेश यादव बोले – “गांव की ताकत, उसकी एकता और संस्कार हैं”
ग्राम तितुरगहन में आयोजित दो दिवसीय रामधुनी गायन-वादन एवं झांकी प्रतियोगिता का समापन एक यादगार शाम में बदल गया, जब मंच पर न सिर्फ धार्मिक आस्था का स्वर गूंजा बल्कि सामाजिक समरसता का संदेश भी प्रतिध्वनित हुआ।
समारोह के मुख्य अतिथि, समाजसेवी और पूर्व प्रदेश मंत्री राकेश यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि ऐसे आयोजन केवल धार्मिक रंग भरने वाले नहीं होते, बल्कि ये पीढ़ियों को यह सिखाते हैं कि गांव की असली ताकत उसकी एकता और संस्कारों में है। उन्होंने कहा, “भगवान राम का जीवन त्याग और मर्यादा का प्रतीक है। अगर हम उनके रास्ते पर चलने का संकल्प लें, तो न सिर्फ हमारा गांव बल्कि समाज और राष्ट्र भी प्रगति करेगा”

यादव ने इस अवसर पर ग्राम सरपंच की मांग पर 20 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह भवन केवल ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं होगा, बल्कि यह ग्रामवासियों की साझा पहचान और गतिविधियों का केंद्र बनेगा।
समापन समारोह में विभिन्न झांकियों और भक्तिमय गायन-वादन ने वातावरण को आध्यात्मिक रंग से भर दिया। सभी अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की परंपराएं समाज में शांति और सहयोग की भावना को मजबूती देती हैं।
ग्रामवासियों ने राकेश यादव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और संवेदनशील सोच से गांव की नई पीढ़ी प्रेरणा ले रही है।




















