रायपुर।शिक्षा विभाग में जिम्मेदारी संभालते ही नए शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने स्पष्ट कर दिया है कि विभाग में किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंत्रालय स्तर पर लम्बे समय से लंबित मामलों की समीक्षा शुरू होते ही शासन ने दुर्ग संभाग के प्रभारी संयुक्त संचालक (शिक्षा) हेमन्त उपाध्याय को निलंबित कर दिया।
ढाई साल पुराना प्रकरण खुला
आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह कार्रवाई उस प्रकरण से जुड़ी है जिसकी जांच पिछले ढाई वर्षों से लंबित थी। जांच में वित्तीय और प्रशासनिक स्तर पर कई गंभीर अनियमितताओं की पुष्टि हुई। शासन ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 का उल्लंघन मानते हुए निलंबन आदेश जारी किया।

शिक्षा मंत्री का स्पष्ट संदेश
मंत्री गजेन्द्र यादव ने साफ संकेत दिया है कि शिक्षकों के साथ अन्याय करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और विभागीय पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को निष्पक्ष और जवाबदेह बनाने के लिए यदि आवश्यक हो तो कठोर कदम भी उठाए जाएंगे।
नई जिम्मेदारी का बंटवारा
निलंबन के बाद दुर्ग संभाग की शिक्षा व्यवस्था प्र भावित न हो, इसके लिए शासन ने तत्काल नई व्यवस्था की है। लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर के उपसंचालक आर.एल. ठाकुर को संयुक्त संचालक (शिक्षा), दुर्ग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वहीं, निलंबित अधिकारी को नियम अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा।
विभाग में हलचल
इस कार्रवाई को विभाग में ‘जीरो टॉलरेंस नीति’ का उदाहरण माना जा रहा है। कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच चर्चा है कि नए शिक्षा मंत्री के रुख से यह संकेत साफ हो गया है कि पुराने लंबित मामलों को भी प्राथमिकता से निपटाया जाएगा।




















