मिली जानकारी के अनुसार, गणेश विसर्जन शोभायात्रा के समय पुलिस और पार्षद के बीच विवाद की स्थिति बनी थी। इसी को लेकर पुलिस ने पार्षद पर गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पार्षद के खिलाफ FIR में दंगा और शांति भंग से जुड़े धाराओं (132-BNS, 221-BNS, 296-BNS सहित अन्य) का उल्लेख किया गया है।

व्यापारी संघ ने पुलिस कार्रवाई को बताया गलत
FIR दर्ज होते ही राजहरा व्यापारी संघ खुलकर पार्षद के समर्थन में उतर आया। व्यापारी संघ का कहना है कि गणेशोत्सव का माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और पुलिस प्रशासन द्वारा की गई FIR न केवल एकतरफा है बल्कि सोची-समझी साजिश का हिस्सा है।
व्यापारी संघ ने पुलिस को अल्टीमेटम जारी करते हुए साफ कहा है कि यदि 12 सितंबर दोपहर 2 बजे तक FIR वापस नहीं ली गई तो पूरे नगर का व्यापार ठप कर दिया जाएगा।
नगर बंद और विरोध की चेतावनी
व्यापारी संघ के आह्वान पर पार्षद समर्थक भी विरोध में उतर आए। शुक्रवार को 2 बजे के बाद दल्लीराजहरा में कई दुकानों के शटर बंद कर व्यापारी संघ के आहवान का समर्थन दिया और व्यापारियों ने सख्त चेतावनी दी कि यदि पुलिस अपनी कार्रवाई वापस नहीं लेती तो राजहरा नगर पूरी तरह बंद रहेगा।
भाजपा खेमे में हलचल
वार्ड पार्षद विशाल मोटवानी भाजपा समर्थित हैं, लिहाज़ा इस FIR ने सियासी रंग भी पकड़ लिया है। पार्षद समर्थकों ने पुलिस की कार्रवाई को “षड्यंत्र” करार देते हुए जमकर नारेबाजी की और कहा कि गणेशोत्सव जैसे धार्मिक आयोजन को विवादित बनाने का प्रयास किया जा रहा है।दल्लीराजहरा में पुलिस और पार्षद के बीच विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। FIR दर्ज होने से जहां व्यापारी संघ और समर्थक विरोध की राह पर उतर गए हैं, वहीं पुलिस प्रशासन अपनी कार्रवाई पर अडिग है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस FIR वापस लेगी या फिर नगर बंद की स्थिति और अधिक बिगड़ेगी।




















