छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट: बस्तर में निवेश और विकास का नया अध्याय
रायपुर।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जगदलपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में कहा कि बस्तर अब नक्सलवाद की छाया से निकलकर निवेश और विकास का नया स्वर्णिम अध्याय लिख रहा है। उन्होंने घोषणा की कि मार्च 2026 तक माओवाद की बची-खुची निशानियाँ भी समाप्त हो जाएंगी और बस्तर पूरी तरह नक्सलमुक्त होकर तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ेगा।
साय ने कहा कि हमारी नई औद्योगिक नीति के केंद्र में बस्तर है। खनिज संपदा और प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर यह क्षेत्र अब निवेश का गढ़ बनेगा। उन्होंने बताया कि टोक्यो, ओसाका, सियोल, मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु के बाद निवेशकों से जुड़ने के लिए बस्तर को चुना गया है।
6.95 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने बताया कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद अब तक 6.65 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने भी कहा कि अब तक कुल 6.95 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए हैं, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।
नई नीति में कोर सेक्टर के साथ आईटी, एआई, फार्मा, टेक्सटाइल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रीन एनर्जी पर विशेष फोकस है। नवा रायपुर में देश का पहला एआई डाटा सेंटर पार्क बन चुका है और अब बस्तर में भी औद्योगिक अधोसंरचना तेजी से विकसित की जा रही है।

बस्तर के लिए विशेष पैकेज
औद्योगिक नीति में बस्तर के 88 प्रतिशत ब्लॉक को ग्रुप-3 में रखा गया है। यहाँ निवेश करने वाले उद्यमियों को सर्वाधिक सब्सिडी और प्रोत्साहन मिलेगा। एससी-एसटी वर्ग के लिए 10 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी और आत्मसमर्पित नक्सलियों को रोजगार देने पर 5 साल तक 40 प्रतिशत वेतन सब्सिडी देने का प्रावधान है।
साय ने कहा कि रोजगार में स्थानीय युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित होगी। 1,000 करोड़ से अधिक निवेश या 1,000 से ज्यादा रोजगार देने वाली इकाइयों को अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
पर्यटन को मिला उद्योग का दर्जा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर पर्यटन का स्वर्ग है। इसे बढ़ावा देने के लिए पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है। होटल, इको-टूरिज्म, एडवेंचर स्पोर्ट्स और होम स्टे में निवेश करने वालों को 45 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी।
वनोपज और एग्रो इंडस्ट्री पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साल, बीज और इमली जैसे उत्पादों के प्रसंस्करण पर आधारित यूनिट लगाने वालों को अतिरिक्त सहायता दी जाएगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी
बस्तर को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इनमें विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे, रावघाट-जगदलपुर रेलमार्ग, किरंदुल-तेलंगाना रेल कनेक्टिविटी, माँ दंतेश्वरी एयरपोर्ट का अपग्रेडेशन और बोधघाट परियोजना शामिल हैं। साथ ही, नये मोबाइल टावर भी लगाए जा रहे हैं।
स्थानीय युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट
बस्तर के सभी 32 ब्लॉकों में स्किल डेवलपमेंट सेंटर खोले जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के युवा मेहनती और प्रतिभाशाली हैं, उद्योगों को स्किल्ड मानव संसाधन की कमी नहीं होगी।

नए उद्यम और रोजगार की राह
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि बीजापुर में पहली बार राइस मिल लग रही है और जगरगुंडा की बंद इमली मंडी को फिर से चालू किया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति को दक्षिण कोरिया में भी सराहा गया है।
इस मौके पर 34 उद्योगों की स्थापना के लिए प्रोत्साहन प्रमाणपत्र वितरित किए गए। वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार ने वीडियो प्रजेंटेशन के जरिए बताया कि निवेशकों के लिए इंसेंटिव कैलकुलेटर जैसी नई सुविधा शुरू की गई है, जिससे उन्हें मिलने वाले लाभ की पारदर्शी जानकारी तुरंत मिल सकेगी।
एनएमडीसी ने भी इस अवसर पर अपने सामाजिक और औद्योगिक योगदान की प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम में बस्तर के सभी जिलों के कलेक्टर, बड़े पैमाने पर निवेशक और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।




















