वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित बैठक में उन्होंने एग्रीस्टेक पंजीयन, डिजिटल फसल सर्वेक्षण, खरीफ फसलों की गिरदावरी और धान खरीदी की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की। सचिव कंगाले ने जिला कलेक्टरों व अधिकारियों से कहा कि किसानों के हित में यह काम प्राथमिकता से पूरा किया जाए।

बैठक के दौरान बताया गया कि किसानों को एक यूनिक किसान आईडी दी जाएगी, जिससे वे सभी योजनाओं और सुविधाओं तक सीधे जुड़ सकेंगे। यह प्रणाली जीपीएस, एआई, एमएल और उपग्रह डेटा जैसी आधुनिक तकनीकों पर आधारित है।
धान खरीदी पर चर्चा करते हुए सचिव ने कहा कि 1 नवंबर से समर्थन मूल्य पर खरीदी की संभावित शुरुआत होगी। इसके पहले 2 अक्टूबर को आयोजित विशेष ग्राम सभाओं में किसानों को खरीदी संबंधी सभी नियम व प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाएगी। वहीं, 15 सितंबर से 31 अक्टूबर तक खेतों का भौतिक सत्यापन एप्प के माध्यम से किया जाएगा।
इस मौके पर बालोद कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा, अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं, जिला खाद्य अधिकारी समेत अन्य अधिकारी संयुक्त जिला कार्यालय के एनआईसी कक्ष से वर्चुअल बैठक में शामिल हुए।




















