बालोद/दल्लीराजहरा। सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले आदिवासी युवक के परिजनों को अब तक सरकारी सहायता राशि नहीं मिल पाई है। इस मामले में युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रशान्त बोकडे ने स्थानीय तहसीलदार पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
बोकडे ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि 22 जून को डौंडी ब्लॉक के जमही टोल प्लाजा के पास सड़क दुर्घटना में कंगलु राम की मौत हो गई थी। शासन की योजना के तहत मृतक के परिजनों को 25 हजार रुपए की तत्काल सहायता राशि मिलनी थी। परिजन 26 जून को ही सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा कर चुके थे, लेकिन 80 दिन बीत जाने के बाद भी राशि का भुगतान नहीं किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि उपतहसील कार्यालय की लापरवाही और आदिवासी परिवारों के साथ दुर्व्यवहार के कारण पीड़ित परिवार आज भी सहायता राशि से वंचित है। इससे यह साफ झलकता है कि क्षेत्र में आदिवासियों के अधिकारों की अनदेखी हो रही है।
गौरतलब है कि यह राशि मांग संख्या-02, लेखाशीर्ष 2235 – सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण (800) अन्य व्यय, (1982) दुर्घटना में मृतकों के परिवार तथा घायलों को वित्तीय सहायता (आयोजनेत्तर) के अंतर्गत स्वीकृत की जाती है। इसका उद्देश्य दुर्घटना पीड़ितों के परिवारों को तत्काल राहत देना है।
प्रशांत बोकडे ने कहा कि तहसीलदार की उदासीनता के कारण पीड़ित परिवार दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर है और मानसिक तनाव झेल रहा है। उन्होंने शासन-प्रशासन से तत्काल सहायता राशि का भुगतान कराने और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।




















