बालोद।ग्राम पंचायत भृत्य कल्याण संघ की प्रदेश स्तरीय बैठक रविवार को राजा राव पठार में आयोजित हुई। बैठक में लंबे समय से समान मानदेय न मिलने को लेकर सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की गई। पदाधिकारियों ने साफ कहा कि 10 से 15 साल तक पंचायतों में सेवा देने के बावजूद भृत्यों को अलग-अलग मानदेय दिया जा रहा है, जो सीधा शोषण है।
बैठक में यह भी आरोप लगाया गया कि पंचायत प्रतिनिधि वर्षों से कार्यरत भृत्यों को हटाकर अपने चहेतों को नियुक्त कर रहे हैं। इस पर संगठन ने चेतावनी दी कि ऐसे मामलों में पंचायतों का घेराव किया जाएगा।
आंदोलन की चेतावनी
संगठन ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द मांगें पूरी नहीं कीं तो छत्तीसगढ़ के लगभग 11,665 ग्राम पंचायत भृत्य आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। पदाधिकारियों का कहना था कि प्रस्ताव शासन-प्रशासन तक कई बार भेजे गए, लेकिन अब तक समान वेतन का समाधान नहीं हुआ।
भूपेंद्र साहू ने दिया भरोसा
बैठक में प्रदेश संरक्षक एवं कर्मचारी नेता भूपेंद्र साहू का भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने कहा – “ग्राम पंचायत भृत्यों की मांग पूरी तरह जायज है। जब तक संगठन मजबूत रहेगा, सरकार को झुकना ही पड़ेगा। हमें भरोसा है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार इस पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेगी।”
बैठक में शामिल पदाधिकारी
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष सोमनाथ तारक, उपाध्यक्ष मेघनाथ साहू, कार्यकारिणी अध्यक्ष जसवंत सिंह, कोषाध्यक्ष देव सिंह पोटाई, सलाहकार बिदे सिंह बोगा, मीडिया प्रभारी परमानंद देवदास सहित विभिन्न जिलों और ब्लॉकों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
बालोद से भुवनेश्वर कुमार साहू, धमतरी से लक्ष्मी नारायण साहू, रायपुर से काशीराम यादव, राजनांदगांव से टीकम सिंह, गरियाबंद से झंगुराम साहू, महासमुंद से रामकुमार मोगरे, दुर्ग से लालाराम साहू सहित कई जिलाध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्ष बैठक में शामिल हुए।




















