बालोद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की न्योता भोज की सोच को आगे बढ़ाते हुए बालोद जिले की कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने अपने जन्मदिन को बेहद अनोखे अंदाज में मनाया। जिले के अंतिम छोर पर बसे आदिवासी बाहुल्य गांव मंगलतराई पहुँचकर कलेक्टर ने न सिर्फ बच्चों के बीच जन्मदिन मनाया बल्कि समाज को एक सकारात्मक संदेश भी दिया।

कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने स्कूल परिसर में छोटे बच्चों के साथ पहले केक काटा, फिर जमीन पर बैठकर उनके साथ भोजन किया। बच्चों को रिटर्न गिफ्ट के रूप में स्कूल बैग भी भेंट किए। बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी और उनकी मासूम मुस्कान बता रही थी कि जिले की मुखिया उनके बीच आकर उन्हें कितना खास महसूस करा रही हैं।

बुजुर्गों को बुलाकर कराई भोजन की दावत
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर की संवेदनशीलता भी देखने को मिली। गांव की बुजुर्ग महिलाएं कतार के पीछे बैठकर धीमी मुस्कान के साथ जन्मदिन की शुभकामनाएं दे रही थीं। यह देखकर कलेक्टर खुद उनके पास पहुँचीं और छत्तीसगढ़ी भाषा में बोलीं— “दाई खाना खाए हस की नई”। इसके बाद उन्होंने एक-एक महिला का हाथ पकड़कर भीतर लाकर भोजन कराया। इस आत्मीयता से गांव का माहौल भावुक हो गया और ग्रामीणों के बीच कलेक्टर की सादगी की चर्चा होती रही।

ग्रामीणों की समस्याओं पर मौके पर दिए समाधान के निर्देश
कलेक्टर का यह दौरा सिर्फ जन्मदिन तक सीमित नहीं रहा। ग्रामीणों ने मौके पर अपनी समस्याएं रखीं जिन्हें उन्होंने गंभीरता से सुना और अधिकारियों को तुरंत समाधान के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा—“जन्मदिन या कोई भी विशेष अवसर न्योता भोज के रूप में मनाया जाना चाहिए। इससे बच्चों को पौष्टिक भोजन मिलता है और हमें भी दोहरी खुशी मिलती है।”

जमीन पर बैठकर साथ खाए अफसर और शिक्षक
इस अवसर पर कलेक्टर के साथ जिला प्रशासन की पूरी टीम भी जमीन पर बच्चों और ग्रामीणों के साथ बैठकर भोजन करती नजर आई। स्कूल के शिक्षक और शिक्षा विभाग के अधिकारी मेजबानी निभाते हुए अतिथियों को भोजन परोस रहे थे। पूरा कार्यक्रम आत्मीयता और अपनत्व का प्रतीक बन गया।
अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक, अपर कलेक्टर अजय किशोर लकड़ा, एसडीएम सुरेश साहू, एसडीएम प्रतिमा ठाकरे, एसडीएम प्राची ठाकुर, जिला शिक्षा अधिकारी, डीपीसी अनुराग त्रिवेदी, डौंडी विकासखंड शिक्षा अधिकारी सहित जिले के अन्य अधिकारी-कर्मचारी और शिक्षक मौजूद रहे।

भरोसे का पुल बना जन्मदिन
जिले के सबसे सुदूर गांव मंगलतराई में पहुंचकर कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने बच्चों का दिन खास बनाने के साथ-साथ प्रशासन और समाज के बीच भरोसे का पुल भी मजबूत किया। उनका यह जन्मदिन अब गांव के लोगों के लिए एक यादगार पल बन गया है, जो लंबे समय तक याद किया जाएगा
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