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SCO शिखर सम्मेलन में मोदी का संबोधन: आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस, कनेक्टिविटी और अवसरों पर जोर

 

ताशकंद में हुए शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 25वें शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसर—इन तीन स्तंभों पर भारत की सोच को रखा। उन्होंने कहा कि पिछले 24 वर्षों में SCO ने यूरेशिया क्षेत्र को एक परिवार की तरह जोड़ा है और भारत ने हमेशा इसमें रचनात्मक भूमिका निभाई है।

आतंकवाद पर सख्त रुख

मोदी ने साफ कहा कि आतंकवाद किसी देश की सुरक्षा नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए खतरा है। उन्होंने पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए कहा कि यह सिर्फ भारत पर नहीं, बल्कि मानवता पर हमला था। उन्होंने सवाल उठाया—क्या कुछ देशों द्वारा आतंकवाद को खुले समर्थन को स्वीकार किया जा सकता है? मोदी ने कहा कि आतंकवाद पर कोई दोहरा रवैया नहीं चलेगा और हर स्वर में इसका विरोध होना चाहिए।

भारत ने इस साल SCO-RATS के तहत अल-कायदा और उससे जुड़े संगठनों के खिलाफ सूचना अभियान की अगुवाई की है। साथ ही, कट्टरपंथ और आतंकी फंडिंग के खिलाफ समन्वित कदमों पर जोर दिया।

कनेक्टिविटी और संप्रभुता

कनेक्टिविटी को दूसरा स्तंभ बताते हुए मोदी ने कहा कि मज़बूत संपर्क से व्यापार ही नहीं, बल्कि विश्वास और विकास भी बढ़ता है। भारत ने चाबहार पोर्ट और नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर का उदाहरण दिया और कहा कि हर कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट में संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान होना चाहिए।

अवसर और सहयोग

तीसरे स्तंभ “अवसर” पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने अपनी अध्यक्षता के दौरान स्टार्ट-अप्स, पारंपरिक चिकित्सा, डिजिटल समावेशन और साझा बौद्ध धरोहर जैसे नए विषयों को सहयोग में जोड़ा। उन्होंने SCO के तहत “सिविलाइजेशनल डायलॉग फ़ोरम” बनाने का सुझाव दिया, जिससे सभ्यताओं, कला, साहित्य और परंपराओं को साझा किया जा सके।

भारत की विकास यात्रा और वैश्विक सुधार

मोदी ने कहा कि भारत “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है और चुनौतियों को अवसर में बदल रहा है। उन्होंने वैश्विक संस्थानों में सुधार की ज़रूरत पर जोर देते हुए कहा कि ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं को पुराने ढांचे में कैद रखना अन्याय है।

नई चुनौतियों से निपटने की तैयारी

सम्मेलन में आयोजित अपराध, ड्रग्स और साइबर सुरक्षा जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए SCO के चार नए केंद्र बनाने पर सहमति बनी। मोदी ने इसका स्वागत करते हुए कहा कि SCO बहुपक्षवाद और समावेशी विश्व व्यवस्था का मार्गदर्शक बन सकता है।

अंत में मोदी ने SCO के अगले अध्यक्ष बनने जा रहे किर्गिज़स्तान के राष्ट्रपति सादिर जपारोव को शुभकामनाएं दीं।

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