शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष शेख मतीन, समाजसेवी सरोज वैष्णव और शिक्षाविद् दीपा शर्मा ने बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहे असर को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था। कलेक्टर ने इस मुद्दे को प्राथमिकता में लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।

इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा आदेश जारी कर देवश्री चन्द्राकर, सहायक शिक्षक (एलबी), बालक आश्रम अमलीडीह को सत्रांत तक शासकीय प्राथमिक शाला क्रमांक-01, कुर्मीपारा (अंग्रेजी माध्यम) में पदस्थ कर दिया गया।
कलेक्टर की इस त्वरित और संवेदनशील पहल से बच्चों और अभिभावकों में खुशी की लहर है। शाला प्रबंधन समिति ने कलेक्टर के प्रति आभार जताते हुए कहा कि—”बालोद जिले को लंबे समय बाद एक ऐसे कलेक्टर मिले हैं, जो आम लोगों की समस्याओं को सहजता से सुनते हैं और उतनी ही संवेदनशीलता के साथ समाधान भी करते हैं।”
बालोद कलेक्टर की यह पहल न सिर्फ बच्चों की शिक्षा को नई दिशा देगी, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच भरोसे की नई मिसाल भी बनेगी।




















