बालोद। तीन जिलों – बालोद, बेमेतरा और दुर्ग की जीवनदायिनी तांदुला जलाशय इन दिनों लबालब भरा हुआ है। गुरुवार शाम तक जलाशय का जलस्तर 37.10 फीट (93.56%) तक पहुंच चुका है, जबकि छलकने में महज 1.40 फीट पानी की जरूरत है।
जलाशय के इस मनोरम दृश्य को देखने और मोबाइल में कैद करने हजारों की भीड़ उमड़ रही है। लोग परिवार सहित पहुंच रहे हैं, लेकिन खतरे को नजरअंदाज करते हुए कई लोग नीचे तट तक उतरकर मोबाइल से सेल्फी ले रहे हैं। पानी के रपटे पर चलकर मौज-मस्ती कर रहे लोग कभी भी हादसे का शिकार हो सकते हैं।

सुरक्षा इंतजाम नदारद
सबसे चिंताजनक बात यह है कि जलाशय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था का कोई इंतजाम नहीं है। न तो प्रशासन ने चेतावनी बोर्ड लगाए हैं और न ही पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि तट पर उतरकर सेल्फी लेना बेहद खतरनाक हो सकता है, क्योंकि पानी की गहराई और तेज बहाव से बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

पर्यटकों की बढ़ती भीड़
पिछले एक सप्ताह से लगातार पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो रहा है। सुबह से शाम तक बड़ी तादाद में लोग जलाशय पहुंचकर फोटो शूट और वीडियो बना रहे हैं। हालांकि स्थानीय लोग और जिम्मेदार नागरिक प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि जल्द सुरक्षा इंतजाम किए जाएं, ताकि किसी अनहोनी को टाला जा सके।
क्षेत्र के अन्य जलाशयों की स्थिति
तांदुला जलाशय – 37.10 फीट (93.56%)
गोदली जलाशय – 30.70 फीट (81.63%)
मटिया मोती जलाशय – 5.90 मीटर (91.54%)
खरखरा जलाशय – 28.90 फीट (94.52%)




















