बालोद। पूर्व जनपद सदस्य राजेश साहू की दबंगई थमने का नाम नहीं ले रही है। ग्राम भरदा (टटेंगा) निवासी जगदेव राम सिन्हा (सेवानिवृत्त प्रधान पाठक) ने थाना देवरी में लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया था कि रविवार 25 अगस्त की शाम करीब 7.30 बजे कैलाश धाम मंदिर में पूजा के दौरान राजेश साहू ने उनके साथ बदसलूकी की, मां-बहन की गालियां दीं, जान से मारने की धमकी दी और जबड़े को पकड़कर मोड़ दिया। घटना के प्रत्यक्षदर्शी के रूप में गांव के तेजराम यादव और सिरमन देवांगन भी मौजूद रहे।
पीड़ित का कहना है कि इस हरकत से न केवल उनका आत्मसम्मान आहत हुआ है बल्कि वह स्वयं भयभीत भी हैं। शिकायत पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए राजेश साहू के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
थाना देवरी पुलिस ने राजेश साहू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की निम्नलिखित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है –
1. धारा 115(2) – जान से मारने की धमकी देना।
2. धारा 296 – सार्वजनिक स्थान पर गाली-गलौज व अश्लील भाषा का प्रयोग।
3. धारा 351(3) – बल प्रयोग कर शारीरिक चोट पहुँचाना।
इन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने विवेचना में ले लिया है।
पहले भी रहे हैं विवादों में
पूर्व जनपद सदस्य राजेश साहू का विवादों से पुराना नाता रहा है। हाल ही में टटेंगा भरदा में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की माता स्व. बिंदेश्वरी बघेल के नाम पर बने पार्क में बिजली चोरी का मामला सामने आया था। इस मामले में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए पार्क को सील किया था। इसके अलावा भी उनके खिलाफ मारपीट और दबंगई की कई शिकायतें पुलिस तक पहुंच चुकी हैं।
भाजपा नेता किशोरी साहू ने की जिला बदर की मांग
वरिष्ठ भाजपा नेता एवं साहू समाज के पूर्व जिलाध्यक्ष किशोरी साहू ने राजेश साहू की हरकतों की निंदा करते हुए कहा –
“राजेश साहू के दबंगई और लोगों के साथ मारपीट के पहले भी कई मामले दर्ज हो चुके हैं। आए दिन इस तरह की घटनाओं से क्षेत्र में अशांति फैल रही है। अब पुलिस को सख्ती दिखाकर इनके खिलाफ जिला बदर की कार्यवाही करनी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि अब क्षेत्रवासी और समाजजन उनकी ज्यादती बर्दाश्त नहीं करेंगे। जल्द ही जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों से मिलकर वे कठोर कार्यवाही और ऐसे लोगों को जिले से बाहर भेजने की मांग करेंगे।
ग्रामीणों में रोष, पुलिस पर निगाहें
घटना और FIR दर्ज होने के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि पूर्व जनपद सदस्य अपने राजनीतिक रसूख का गलत इस्तेमाल कर क्षेत्र में दहशत फैलाते रहे हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या पुलिस और प्रशासन सचमुच में इस बार राजेश साहू पर सख्त कार्रवाई करेगा।




















