बालोद। जिलेभर में गणेशोत्सव का शुभारंभ धूमधाम और आस्था के साथ हो गया है। देर रात तक भगवान गणेश की प्रतिमाओं का आगमन चलता रहा। ढोल-नगाड़ों की गूंज, आतिशबाजी की चमक और भक्ति गीतों पर थिरकते युवा—हर गली-चौराहे पर गणपति बप्पा मोरया के जयकारों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालुओं का जनसैलाब देर रात तक सड़कों पर उमड़ता रहा।

आज विधि-विधान से जिले के सभी पंडालों में विघ्नहर्ता गणेश विराजमान होंगे। छोटी प्रतिमाओं से लेकर 10 से 15 फीट ऊंची प्रतिमाएं भक्तों के आकर्षण का केंद्र रहेंगी। अगले दस दिनों तक शहर और गांवों में गणपति बप्पा का भव्य दर्शन और पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा।

इसी कड़ी में बालोद नगर के मरारपारा वार्ड स्थित स्वयंभू गणेश मंदिर में भी विशेष आयोजन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। यहां 27 अगस्त से 11 दिनों तक भव्य गणेशोत्सव होगा। प्रतिदिन सुबह और शाम 7:30 बजे महाआरती की जाएगी। 3 सितंबर को छप्पन भोग और अनंत चतुर्दशी पर अन्नकूट भंडारा एवं शोभायात्रा का आयोजन होगा। बताया जाता है कि इस स्वयंभू गणेश प्रतिमा की खोज 71 वर्ष पूर्व हुई थी और तब से यहां लगातार पूजा-अर्चना होती आ रही है।

नगर का मोरिया मंडल परिवार 2008 से यहां की सेवा और आयोजन की जिम्मेदारी निभा रहा है। गणेश चतुर्थी पर यहां का माहौल दीपावली जैसा हो जाता है। हजारों की संख्या में भक्त गाजे-बाजे के साथ आरती और पूजन में शामिल होते हैं।

बालोद में देर रात तक हुए गणेश प्रतिमाओं के आगमन ने पूरे जिले को उत्सव और भक्ति में सराबोर कर दिया है। अब अगले दस दिनों तक गणेशोत्सव की रौनक में डूबा रहेगा पूरा जिला।




















