नई दिल्ली। भारत ने वैश्विक भुखमरी संकट से लड़ने के लिए बड़ा कदम उठाया है। भारत सरकार और विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने एक आशय पत्र (LoI) पर हस्ताक्षर कर साझेदारी की घोषणा की। इस पहल के तहत भारत WFP को फोर्टिफाइड चावल उपलब्ध कराएगा, ताकि संकटग्रस्त देशों में कमजोर और जरूरतमंद आबादी की खाद्य एवं पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।
खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने कहा कि “भारत वसुधैव कुटुंबकम यानी ‘पृथ्वी एक परिवार’ के सिद्धांत पर विश्वास करता है। जरूरतमंद समुदायों की मदद करना इसी सोच का हिस्सा है।”
WFP के उप कार्यकारी निदेशक कार्ल स्काउ ने भारत के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि “यह साझेदारी वैश्विक प्रयासों को मजबूती देगी और भुखमरी से जूझ रहे लोगों तक लगातार मदद पहुंचाना संभव बनाएगी।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया जब सीमित मानवीय सहायता फंड और बढ़ती खाद्य असुरक्षा की चुनौती से जूझ रही है, तब भारत का यह कदम बेहद सराहनीय है।
यह समझौता फरवरी 2025 में रोम में हुए WFP कार्यकारी बोर्ड की बैठक में हुई चर्चाओं का नतीजा है। अब यह मानवीय सहायता के लिए खाद्यान्न की भरोसेमंद आपूर्ति का आधार बनेगा।
भारत और WFP ने इस मौके पर अन्य सहयोगी प्रयासों पर भी चर्चा की—जैसे आपूर्ति श्रृंखला को बेहतर बनाना, फोर्टिफाइड चावल की शुरुआत, अनाज एटीएम (अन्नपूर्ति उपकरण), जन पोषण केंद्र, स्मार्ट वेयरहाउसिंग तकनीक और मोबाइल स्टोरेज यूनिट (फ्लोस्पैन)।
इस अवसर पर भारतीय खाद्य निगम के सीएमडी आशुतोष अग्निहोत्री, WFP एपीएआरओ के क्षेत्रीय निदेशक समीर वनमाली और WFP इंडिया की कंट्री डायरेक्टर एलिजाबेथ फॉरे भी मौजूद रहीं।




















