बालोद। तीन जिलों—बालोद, बेमेतरा और दुर्ग की जीवनदायिनी तांदुला जलाशय इन दिनों पानी से लबालब भरा हुआ है। सोमवार सुबह तक जलभराव 36.50 फीट तक पहुँच चुका है, जबकि जलाशय के छलकने के लिए अभी करीब 2 फीट पानी और चाहिए। जैसे ही जलाशय का जलस्तर बढ़ा, इसे निहारने के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग परिवार सहित यहाँ पहुँचने लगे।
मनोरम दृश्य देखने की ललक में लोग सुरक्षा की परवाह किए बिना जलाशय के रपटा पर चलकर और तट किनारे खड़े होकर मोबाइल से सेल्फी ले रहे हैं। भीड़ बढ़ने के साथ ही हादसे का खतरा भी बढ़ गया है, लेकिन अब तक जिला प्रशासन ने सुरक्षा के लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं की है।
बिना सुरक्षा रपटा पर भीड़
स्थानीय लोग बताते हैं कि जलाशय के रपटा पर हर दिन सैकड़ों लोग पहुँच रहे हैं। यहाँ फिसलन की वजह से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसके बावजूद न तो पुलिसकर्मी की तैनाती हुई है और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं।
सीढ़ियों पर खतरनाक सेल्फी
जलाशय के नीचे बनी सीढ़ियों तक भी पर्यटक पहुँच रहे हैं। यहाँ महज दो फीट नीचे ही पानी भरा हुआ है। ऐसे में पैर फिसलते ही व्यक्ति सीधे पानी में गिर सकता है, जिससे बड़ा हादसा होने की आशंका है। इसके बावजूद लोग अपनी जान की परवाह किए बिना फोटोशूट और सेल्फी लेने में मशगूल हैं।
आखिर कब चेतेंगे पर्यटक और कब जागेगा विभाग?
जिले के पर्यटन स्थलों पर अब तक हुई घटनाओं में सबसे बड़ी लापरवाही पर्यटकों की ही रही है। लेकिन पर्यटन व जिला प्रशासन भी सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं दिख रहे। यदि समय रहते सुरक्षा के इंतज़ाम नहीं किए गए, तो किसी भी दिन तांदुला जलाशय की खूबसूरती बड़ी दुर्घटना में बदल सकती है।




















