बालोद।बालोद जिले में किसानों के लिए नई शुरुआत हुई है। एग्रीस्टैक परियोजना के तहत डिजिटल फसल सर्वेक्षण का काम शुरू हो चुका है। खास बात ये रही कि इस पहल का जायजा लेने कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा खुद खेत तक पहुँचीं।
कलेक्टर आज बालोद विकासखंड के ग्राम जुंगेरा में किसान फिरूराम के खेत पहुँचीं। यहां उन्होंने मोबाईल ऐप से हो रहे सर्वेक्षण को बारीकी से देखा और सर्वेयर से इसकी पूरी जानकारी ली। कलेक्टर ने मौके पर मौजूद किसानों से भी चर्चा की और उन्हें समझाया कि डिजिटल सर्वे उनके लिए कितना फायदेमंद साबित होगा।
उन्होंने कहा कि इस सर्वे से खेत और फसल की सटीक जानकारी तुरंत मिल सकेगी। खेत का एरिया और बोई गई फसल का पूरा डेटा सीधे ऐप में दर्ज होगा, साथ ही हर खेत की तीन तस्वीरें भी अपलोड की जाएंगी। इससे गलत प्रविष्टियों की गुंजाइश नहीं बचेगी।

कलेक्टर मिश्रा ने किसानों को भरोसा दिलाया कि इस प्रक्रिया से उन्हें सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अपनी उपज बेचने के लिए अब बार-बार दस्तावेज़ सत्यापन की झंझट नहीं झेलनी पड़ेगी। फसल से जुड़ी सारी अहम जानकारी एक जगह उपलब्ध होगी और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर उपज बेचना और आसान हो जाएगा।
निरीक्षण के दौरान उनके साथ जिला पंचायत सीईओ सुनील चंद्रवंशी, एसडीएम नूतन कंवर, तहसीलदार आशुतोष शर्मा समेत राजस्व अमला मौजूद रहा। कलेक्टर ने साफ कहा कि तय समय पर यह काम पूरी तरह त्रुटिरहित होना चाहिए।
डिजिटल फसल सर्वेक्षण की यह पहल किसानों की ज़िंदगी को आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है।




















