बालोद।छत्तीसगढ़ शासन के वन, पर्यावरण एवं जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप का बालोद दौरा इस बार सिर्फ़ विकास कार्यों की सौगात और बैठकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भाजपा नेताओं का गुस्सा खुलकर सामने आया।
मंत्री कश्यप ने यहां स्थानीय संगठनों और अधिकारियों के साथ विभिन्न विषयों पर बैठक की। इसी दौरान भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने बालोद जिला अंतर्गत वन विभाग के एक अधिकारी की कार्यशैली को लेकर खुली नाराज़गी जताई।
नेताओं ने लगाए गंभीर आरोप
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, भाजपा नेताओं ने मंत्री के सामने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी ने विभागीय कार्यों में अपने नज़दीकी लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए शासन के नियम-कायदों को ताक पर रख दिया। इतना ही नहीं, स्थानीय नेताओं की बातों को भी लगातार नज़रअंदाज़ किया जा रहा है।
नेताओं ने मांग रखी कि इस अधिकारी को बालोद से हटाया जाए और अब तक कराए गए कामों में हुई अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच हो।
ठेकेदारों को भुगतान, मजदूरों को इंतजार
बैठक के दौरान स्थानीय वार्ड पार्षद ने भी गंभीर शिकायत की। उन्होंने कहा कि विभागीय ठेकेदारों को तो लगभग भुगतान कर दिया गया है, लेकिन स्थानीय मजदूरों को 8 से 10 महीने से मेहनताना नहीं मिला है। इस मुद्दे ने माहौल और गरमा दिया।
मंत्री की फटकार और निर्देश
शिकायतें सुनने के बाद मंत्री केदार कश्यप ने संबंधित अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई और साफ़ निर्देश दिए कि मजदूरों को उनका बकाया भुगतान तुरंत कराया जाए। साथ ही, विभागीय कार्यों में पारदर्शिता बरतने और शासन के मापदंडों का पालन करने की हिदायत दी।
विकास कार्यों की मांग भी उठी
शिकायतों के इस दौर के बाद भाजपा नेताओं ने जिले में कई विकास कार्यों को जल्द पूरा कराने की भी मांग मंत्री से की।




















