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लाल किले से आज़ादी का नया संकल्प – युवाओं को रोजगार की ऐतिहासिक सौगात, आतंक और घुसपैठ पर सख्त चेतावनी

नई दिल्ली – 79वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से गूंजा आत्मनिर्भर भारत का नया संकल्प। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को दोहरी सौगात दी – एक ओर युवाओं के लिए 1 लाख करोड़ रुपये की ‘पीएम विकसित भारत रोजगार योजना’ की शुरुआत, तो दूसरी ओर आतंकवाद, नक्सलवाद और घुसपैठ पर अब तक का सबसे कड़ा संदेश।

रोजगार योजना – 3.5 करोड़ युवाओं के लिए सुनहरा मौका
प्रधानमंत्री ने ऐलान किया कि नई योजना से आने वाले दो वर्षों में 3.5 करोड़ से ज्यादा रोजगार के अवसर तैयार होंगे। इसके तहत पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं को दो किस्तों में 15,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि मिलेगी, वहीं नियोक्ताओं को प्रति नए कर्मचारी पर दो साल तक 3,000 रुपये प्रति माह का लाभ मिलेगा। विनिर्माण क्षेत्र में यह प्रोत्साहन चौथे साल तक जारी रहेगा। योजना का मकसद युवाओं की जेब में आय के साथ-साथ उनके भविष्य के लिए बचत और सामाजिक सुरक्षा कवरेज बढ़ाना है।

आतंकवाद के खिलाफ ‘न्यू नॉर्मल’
मोदी ने साफ कहा – अब आतंक और उसे पनाह देने वालों में कोई फर्क नहीं होगा। न्यूक्लियर धमकी हो या आतंकी वारदात, भारत अब किसी दबाव में नहीं झुकेगा। उन्होंने चेताया कि देश की जनसांख्यिकी (डेमोग्राफी) बदलने की साजिश और घुसपैठियों की करतूतें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं, और इससे निपटने के लिए हाई पावर डेमोग्राफी मिशन शुरू किया जा रहा है।

नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार
बस्तर सहित देश के नक्सल प्रभावित इलाकों में आए बदलाव का ज़िक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां कभी बंदूक की आवाज़ गूंजती थी, वहां आज ओलंपिक में खेलने वाले खिलाड़ी और विकास के सपने पल रहे हैं। 125 से ज्यादा नक्सल प्रभावित जिलों को घटाकर 20 तक लाना, जनजातीय समाज को मिली सबसे बड़ी जीत है।

विकसित भारत की राह – बड़े ऐलान
भाषण में परमाणु ऊर्जा क्षमता को 10 गुना बढ़ाने, मेड इन इंडिया सेमीकंडक्टर चिप और जेट इंजन निर्माण, राष्ट्रीय डीपवॉटर अन्वेषण मिशन और दिवाली पर जीएसटी सुधार जैसे बड़े कदमों की घोषणा भी की गई। लक्ष्य स्पष्ट है – 2047 तक भारत को 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था और पूरी तरह विकसित राष्ट्र बनाना।

आज लाल किले से सिर्फ तिरंगा नहीं लहराया, बल्कि नए भारत के लिए इरादों की पताका भी गड़ी – आत्मनिर्भरता, सुरक्षा और समृद्धि की।

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