
आतंकी मुठभेड़ में दिखाई बहादुरी
कुछ दिन पहले जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के साथ हुए मुठभेड़ में भोजराम साहू 3 असम राइफल्स के साथ एक विशेष अभियान में शामिल थे। ऑपरेशन के दौरान आतंकियों ने घात लगाकर फायरिंग शुरू कर दी। साहू ने खतरे की परवाह किए बिना आगे बढ़कर मोर्चा संभाला और नजदीकी दूरी से जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान उन्हें गोलियां भी लगीं, लेकिन वे डटे रहे और आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया।
उनके इसी साहस, त्वरित निर्णय क्षमता और कर्तव्यपरायणता के लिए उन्हें देश के तीसरे सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार ‘शौर्य चक्र’ से सम्मानित किया जाएगा।
गांव में खुशी का माहौल
सम्मान की खबर मिलते ही ग्राम ढोर्रीठेमा में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने एक-दूसरे को बधाई दी और मिठाई बांटी। परिवार के सदस्यों ने कहा कि भोजराम साहू ने न सिर्फ गांव बल्कि पूरे बालोद जिले और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है।

पुरस्कारों की पूरी सूची में शामिल
राष्ट्रपति द्वारा स्वीकृत पुरस्कारों में इस वर्ष कुल 127 वीरता पुरस्कार, 40 विशिष्ट सेवा पुरस्कार और 290 ‘मेंशन-इन-डिस्पैचेस’ शामिल हैं। इनमें वीरता पुरस्कारों का ब्योरा इस प्रकार है—4 किर्ति चक्र,15 वीर चक्र,16 शौर्य चक्र (जिनमें भोजराम साहू का नाम भी शामिल है),2 ‘बार टू सेना मेडल’ (गैलेंट्री),58 सेना मेडल (गैलेंट्री),6 नौसेना मेडल (गैलेंट्री),26 वायुसेना मेडल (गैलेंट्री), इसके अलावा, 7 सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक, 9 उत्तम युद्ध सेवा पदक और 24 युद्ध सेवा पदक भी प्रदान किए जाएंगे।

औपचारिक घोषणा आज
इन सभी सम्मानों की औपचारिक घोषणा 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस संबोधन के दौरान किया जा रहा है।




















