
घटनाओं से गौसेवकों में आक्रोश फैल गया है। उनका कहना है कि जब तक गौपालकों पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक हादसे रुकने वाले नहीं हैं। नगर पालिका प्रशासन ने अब तक सड़क पर बैठे मवेशियों को पकड़ने के लिए कोई विशेष अभियान नहीं चलाया है। मृत गौवंशों का अंतिम संस्कार नगर पालिका, पुलिस विभाग और गौसेवकों की टीम ने किया।
इधर, गौ रक्षा समूह के अध्यक्ष अजय यादव ने कहा कि शासन-प्रशासन से लगातार हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की जा रही है, लेकिन सिर्फ कागजों पर योजनाएं बन रही हैं। यह भी स्पष्ट नहीं है कि अब तक कितने गौपालकों पर कार्रवाई हुई है।

कलेक्टर को सौंपा गया ज्ञापन
इसी मुद्दे पर मंगलवार को हिन्द सेना के प्रदेश प्रमुख संयोजक तरुणनाथ योगी ने बालोद कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया कि कई गौपालक अपने मवेशियों को सड़कों पर छोड़ देते हैं, जिससे दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। ज्ञापन में मांग की गई कि ऐसे गौपालकों को सभी सरकारी योजनाओं—जैसे राशन कार्ड, प्रधानमंत्री वंदन योजना, बेरोजगारी भत्ता, श्रमिक कार्ड, वृद्धा पेंशन योजना, आयुष्मान भारत—से वंचित किया जाए। इससे गौपालक अपने मवेशियों को घर में रखने और देखभाल करने के लिए बाध्य होंगे और सड़क हादसों पर अंकुश लगेगा।




















