बालोद। भाई-बहन के अटूट रिश्ते के त्योहार रक्षाबंधन पर बालोद जिले में इस बार दो पर्यावरण प्रेमियों ने अनोखी पहल कर समाज को प्रेरित किया। एक ओर पर्यावरण प्रेमी भोज साहू ने वीर जवानों के सम्मान में 5 फीट लंबी और 5 फीट चौड़ी तिरंगा थीम वाली राखी तैयार की, तो दूसरी ओर ग्रीन कमांडो वीरेंद्र सिंह ने सर्पदंश से बचाव का संदेश देते हुए विशाल राखी बनाकर लोगों को जागरूक किया।
भोज साहू ने यह विशाल राखी कबाड़ से जुगाड़ की तकनीक से साइकिल के रिंग, स्पोक और पुराने कपड़ों का उपयोग कर तैयार की। इसे वीर जवानों के नाम समर्पित करते हुए उन्होंने सड़क किनारे नीम के पेड़ पर लटका दिया, जो राहगीरों का ध्यान खींच रही है। इस पर लिखी पंक्तियां जवानों के बलिदान की याद दिलाती हैं—वे जो अपने घर-परिवार से दूर रहकर चौबीसों घंटे हमारी सुरक्षा में डटे रहते हैं। भोज साहू का कहना है कि त्योहार केवल खुशियां मनाने के लिए नहीं, बल्कि हमारे सच्चे नायकों को याद करने और आने वाली पीढ़ी को प्रेरित करने का भी मौका हैं।
वहीं, ग्रीन कमांडो वीरेंद्र सिंह ने वेस्ट मटेरियल का उपयोग कर 5×5 फीट की राखी तैयार की और सर्पदंश जागरूकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सर्प पर्यावरण संतुलन के लिए जरूरी हैं और इन्हें मारना नहीं चाहिए। सर्पदंश की स्थिति में तुरंत स्वास्थ्य केंद्र जाकर इलाज कराना चाहिए, न कि झाड़-फूंक के चक्कर में पड़ना चाहिए। हर साल हजारों लोग अज्ञानता के कारण अपनी जान गंवा देते हैं। वीरेंद्र सिंह ने बहन की ओर से भाई को संदेश दिलवाया—”भैया, वचन दो… आप लोगों को सही इलाज के लिए प्रेरित करेंगे।”
दोनों ही पहलें यह दिखाती हैं कि रक्षाबंधन केवल रिश्तों का बंधन नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता और जिम्मेदारी का धागा भी बन सकता है। वीर जवानों के सम्मान से लेकर सर्पदंश जागरूकता तक—इन विशाल राखियों ने बालोद की पहचान एक प्रेरणादायी संदेशवाहक के रूप में बना दी है।




















