बालोद,विश्व आदिवासी दिवस पर शनिवार को बालोद जिला मुख्यालय का इनडोर स्टेडियम आदिवासी समाज की संस्कृति, रंग और उत्साह से सराबोर रहा। हजारों की संख्या में पहुंचे आदिवासी समाज के लोग पारंपरिक वेशभूषा और लोकनृत्य की धुनों पर झूमते नज़र आए।

समारोह की अध्यक्षता सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष तुकाराम कोर्राम ने की। मंच पर जनपद अध्यक्ष डौंडी मुकेश कौड़ो, नगर पंचायत डौंडीलोहारा के अध्यक्ष लाल निवेंद्र सिंह टेकाम, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष मिथलेश निरोटी, नगर पालिका बालोद के उपाध्यक्ष कमलेश सोनी, जिला पंचायत संसदीय राधे लाल तारम, जनपद उपाध्यक्ष डौंडी भोला राम नेताम, गोंडवाना समाज के अधिकारी-कर्मचारी प्रकोष्ठ के संभागीय अध्यक्ष और जनसंपर्क अधिकारी चंद्रेश ठाकुर, अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक संघ के जिला अध्यक्ष प्रो. एच.एल. मानकर, गोंडवाना समाज के जिला अध्यक्ष प्रेमलाल कुंजाम, यू.आर. गंगराले, जनपद सदस्य तुलेश्वर हिचामी, अश्वनी नायक, महेश पिस्दा, कृष्ण कुमार ठाकुर, उप संचालक जिला योजना-सांख्यिकी अधिकारी एस. कुजूर, जनपद सदस्य भगवती उइके सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम की खास झलक रही नगर भ्रमण—जहां पारंपरिक आदिवासी नृत्य, ढोल, मांदर और अन्य वाद्ययंत्रों की थाप के बीच रैली निकाली गई। इस दौरान समाज प्रमुखों ने संविधान निर्माता बाबा साहब अंबेडकर, छत्तीसगढ़ महतारी और शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर नमन किया।
इनडोर स्टेडियम में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और वीर गाथाओं पर आधारित रंगारंग प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान नृत्य, गीत और वाद्ययंत्रों की धुनों से माहौल गूंजता रहा।




















