बालोद। रक्षाबंधन पर्व से पहले बालोद शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमराती नजर आ रही है। शनिवार को त्योहार होने के चलते बाजारों में भीड़ बढ़ गई है, लेकिन नगर प्रशासन और यातायात विभाग की अनदेखी से हालात बेकाबू हो गए हैं।
शुक्रवार शाम को सदर रोड में लंबा जाम लग गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को घंटों परेशान होना पड़ा। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि जाम की स्थिति सिर्फ एक मार्ग तक सीमित नहीं रही, बल्कि गंजपारा से लेकर जवाहर मार्केट तक की सड़कें कब्जे और अव्यवस्थित पार्किंग की भेंट चढ़ गईं।
दुकानों के सामने ही दुकानदारी, सड़क पर ही पार्किंग
नगर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में फुटपाथ और सड़कों पर ही दुकानें संचालित हो रही हैं। व्यापारियों द्वारा सड़क किनारे ही अपनी चारपहिया वाहनों की पार्किंग ने स्थिति और जटिल बना दी है।
नगरपालिका प्रशासन द्वारा सिर्फ अपील की जा रही है कि दुकानदार सामान बाहर न निकालें और वाहन सुव्यवस्थित ढंग से खड़े करें, लेकिन जमीन पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा है।
स्कूल समय में बढ़ रहा खतरा
वार्ड क्रमांक 3 नयापारा और सरदार पटेल मैदान के समीप स्थित शासकीय स्कूलों में प्रतिदिन सैकड़ों छात्र-छात्राएं पैदल या सायकल से आते-जाते हैं। लेकिन स्कूल समय में भी भारी वाहनों की आवाजाही और दुकानों के सामने ही लोडिंग-अनलोडिंग की गतिविधियों से दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है।
15 वर्षों में नहीं हटे अवैध कब्जे
बालोद को जिला मुख्यालय का दर्जा मिले 15 साल से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन आज तक न तो यातायात विभाग और न ही जिला प्रशासन ने अवैध कब्जों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की है। नगर की सड़कों पर बढ़ते अतिक्रमण और बेतरतीब वाहन खड़े करने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने में प्रशासन विफल साबित हो रहा है।
सिर्फ अपीलों से नहीं सुधरेगी व्यवस्था
नगरपालिका प्रशासन की “सिर्फ अपील” की नीति अब सवालों के घेरे में है। जब तक सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी, तब तक मुख्य मार्गों पर जाम की समस्या और आमजन की परेशानियाँ यूं ही बनी रहेंगी।




















