इस बार रक्षाबंधन पर बहनों को दें सुरक्षा का वचन: बालोद कलेक्टर की अनोखी पहल
बालोद, बालोद जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर एक नया और मानवीय संदेश लेकर आई हैं कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा। उन्होंने जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए न सिर्फ प्रशासनिक स्तर पर कदम उठाए हैं, बल्कि इसे एक भावनात्मक अभियान से भी जोड़ा है।
कलेक्टर मिश्रा ने अपील की है कि इस रक्षाबंधन, भाई अपनी बहनों से यह वादा करें कि बाइक चलाते समय वे हमेशा हेलमेट पहनेंगे। इतना ही नहीं, उन्होंने बहनों से भी अनुरोध किया है कि वे अपने भाइयों से यह संकल्प दिलवाएं कि उनका जीवन सुरक्षा कवच के साथ ही आगे बढ़े।
बालोद में बीते एक वर्ष की तुलना में सड़क हादसों में 30% की बढ़ोतरी हुई है और इनमें से अधिकतर मामलों में लोग बिना हेलमेट के थे। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने तय किया है कि अब हेलमेट पहनना सिर्फ एक नियम नहीं, बल्कि जीवन की गारंटी होगी।
अब जिला कार्यालय आने वाले सभी अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। वहीं, दोपहिया वाहन चालकों को बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। सभी गांवों में मुनादी कराई जाएगी कि हेलमेट लगाना जरूरी है — चाहे अधिकारी हो या आम नागरिक।
अभियान की अगुवाई कर रहे अपर कलेक्टर अजय किशोर लकरा ने बताया कि यह पहल सिर्फ कागजों में नहीं रहेगी, बल्कि इसका सख्ती से पालन कराया जाएगा। जिला प्रशासन ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में जागरूकता फैलाएं और गांव-गांव तक यह संदेश पहुंचाएं।
क्यों जरूरी है ये अभियान?
क्योंकि हर जीवन कीमती है। एक हेलमेट की लापरवाही कई परिवारों को उजाड़ सकती है। ऐसे में कलेक्टर दिव्या मिश्रा की यह पहल सिर्फ एक प्रशासनिक आदेश नहीं, बल्कि समाज को जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में एक संवेदनशील कदम है।
तो इस रक्षाबंधन, राखी के साथ एक वचन भी बंधे — जीवन की सुरक्षा का।




















