रायपुर, – केन्द्रीय जेल रायपुर में निरुद्ध बंदी शोएब ढेबर (पुत्र अनवर ढेबर) को तीन माह के लिए सभी प्रकार की मुलाकातों से प्रतिबंधित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जेल नियमावली के नियम 690 के अंतर्गत, जेल के शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने के आरोप में की गई है।

जेल अधीक्षक द्वारा जारी आदेश के अनुसार, शोएब ढेबर ने अधिवक्ता मुलाकात के समय अधिकारियों की अनुमति के बिना जबरन मुलाकात कक्ष में प्रवेश किया, जिससे जेल की सुरक्षा और संचालन व्यवस्था में व्यवधान उत्पन्न हुआ। संबंधित घटना की जांच उप जेल अधीक्षक एम.एन. प्रधान द्वारा की गई, जिसमें आरोपों की पुष्टि हुई।
रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया कि ढेबर द्वारा किया गया यह कृत्य न केवल नियमों का उल्लंघन था, बल्कि इससे जेल की आंतरिक व्यवस्था और अनुशासन भी प्रभावित हुआ। इसी आधार पर जेल प्रशासन ने उन्हें अगले तीन माह तक किसी भी बंदी से किसी भी प्रकार की मुलाकात की अनुमति नहीं देने का निर्णय लिया।
जेल अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि, “जेल परिसर की सुरक्षा, अनुशासन और शासकीय कार्य की गरिमा बनाए रखना सर्वोपरि है। ऐसे कृत्यों को बेहद गंभीरता से लिया जाएगा और भविष्य में पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।”
यह निर्णय जेल प्रशासन की नीति के अनुरूप है, जो जेल परिसर में किसी भी प्रकार की अराजकता या अनुशासनहीनता के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस‘ अपनाता है।




















