प्रदेश रूचि

हथौद में विराट रुद्राभिषेक सम्पन्न, 9 मतांतरित परिवारों की घर वापसी

 

बालोद।सनातन संस्कृति की गूंज और भक्ति की शक्ति का अद्भुत संगम रविवार को हथौद स्थित महर्षि मुक्ताश्रम में देखने को मिला, जहां विराट रुद्राभिषेक और धर्मजागरण समर्पित आयोजन संपन्न हुआ। इस आयोजन का केंद्र बिंदु बना — मतांतरण रोकना और घर वापसी को बल देना।

सुबह का शुभारंभ ग्राम मुजगहन के शिव मंदिर से पूजन-अर्चन के साथ हुआ। यहां से लगभग 125 बाइक और 10 कारों का विशाल भक्ति काफिला “हर-हर महादेव” के जयकारों के साथ निकला, जिसने करहीभदर होते हुए हथौद की गलियों में धर्म का संदेश फैलाया।

मुक्ताश्रम पहुंचते ही वैदिक विधि से वेदी पूजन, नवग्रह पूजन और रुद्राभिषेक का भव्य आयोजन शुरू हुआ। शिव भजनों की मधुर प्रस्तुतियों ने माहौल को और भी दिव्य बना दिया। कार्यक्रम में प्रखर वेदांत प्रवक्ता पुरुषोत्तम सिंह राजपूत ने पुराणों और रामचरितमानस के उदाहरणों के साथ सनातन धर्म की वैज्ञानिकता और उसकी वैश्विक महत्ता को समझाया। उन्होंने सभी से मतांतरण से बचने और अपनी जड़ों की ओर लौटने की अपील की।

इस मौके पर डौंडी ब्लॉक के 9 मतांतरित परिवारों की विधिवत घर वापसी कराई गई। परिवारों का गंगाजल से चरण पखारकर, रामचरितमानस, श्रीमद्भगवद्गीता, रामनामी वस्त्र भेंट कर स्वागत किया गया। परिजनों के सम्मान और अपनत्व से भावुक हुए ये परिवार सनातन धर्म की गोद में लौट आए।

समापन के अवसर पर महाकाल की आरती, विशेष शोभायात्रा और तालाब में पूजन सामग्री का विसर्जन हुआ। अंत में सभी भक्तों ने महाप्रसाद ग्रहण कर आयोजन को पूर्णता दी।

इस आयोजन में बालोद, दल्ली, पाटन, गुंडरदेही और धमतरी के सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। आयोजन को सफल बनाने में धर्मजागरण समन्वय छत्तीसगढ़, आरएसएस, और मुक्ताश्रम लोक सेवा न्यास की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुरोहित पुष्कर पांडे “शास्त्री”, मनहरण शर्मा, अभिषेक शर्मा, पौराणिक मिश्र ने पूजा-विधि संपन्न कराई।

जानकारी आयोजन समिति के प्रमुख पुरुषोत्तम सिंह राजपूत ने दी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!