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11 सूत्रीय मांगों को लेकर फेडरेशन की रणनीतिक बैठक, 22 अगस्त को काम बंद-कलम बंद आंदोलन का ऐलान

 

महंगाई भत्ता, एरियर्स समायोजन सहित प्रमुख मांगों पर चर्चा, सरकार पर दबाव बनाने धरना-रैली की तैयारी

बालोद।छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को जिला विश्राम गृह स्थित महानदी सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में केंद्र सरकार के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता देने, वर्ष 2019 से लंबित एरियर्स को जीपीएफ में समायोजित करने सहित कुल 11 सूत्रीय मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में फेडरेशन के पदाधिकारी और विभिन्न विभागीय संगठनों के जिलाध्यक्षों ने भाग लिया। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 22 अगस्त को जिला मुख्यालय और सभी विकासखंडों में एक दिवसीय काम बंद–कलम बंद आंदोलन के साथ ज्ञापन रैली निकाली जाएगी।

फेडरेशन के जिला प्रभारी राजेश चटर्जी, विजय लहरे, चंद्रशेखर चंद्राकर, और मूलचंद शर्मा ने सभी कर्मचारियों से एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार को कर्मचारियों की मांगों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। जब तक सभी 11 सूत्रीय मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, फेडरेशन का संघर्ष जारी रहेगा।

बैठक में मौजूद जिला संयोजक लोकेश कुमार, महासचिव घनश्याम गोस्वामी तथा संगठनों के जिलाध्यक्षों – मधुकांत यदु, आरएम चावड़ा, वीरेंद्र देशलहरे, राधेश्याम साहू, परशुराम धनेंद्र, गोविंद मानिकपुरी, कृष्णापुरी गोस्वामी, अहमद रजा, खिलानंद साहू, नवल किशोर साहू, चेतन यदु, गजेंद्रपुरी गोस्वामी आदि ने भी आंदोलन को समर्थन देने का संकल्प लिया।

फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारी हितों की रक्षा के लिए वह किसी भी स्तर तक संघर्ष के लिए तैयार है।

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