रायपुर/बालोद। राज्य सरकार द्वारा हाफ बिजली बिल योजना को सीमित करने के निर्णय के विरोध में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बड़ा ऐलान किया है। कांग्रेस 6 अगस्त को सभी जिलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार को घेरने की रणनीति पर उतरेगी और 7 अगस्त को पूरे प्रदेश में बिजली कार्यालयों के सामने विरोध प्रदर्शन तथा पुतला दहन करेगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि भाजपा सरकार ने 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना को खत्म कर गरीब और मध्यम वर्ग पर सीधा हमला किया है। उन्होंने इसे आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताते हुए सरकार पर अन्यायपूर्ण निर्णय लेने का आरोप लगाया।
कांग्रेस का आरोप
दीपक बैज ने कहा कि अब केवल 100 यूनिट तक की खपत पर ही हाफ बिजली बिल योजना का लाभ मिलेगा। इससे बड़ी संख्या में उपभोक्ता योजना से वंचित हो गए हैं। उन्होंने कहा कि—
100 यूनिट से अधिक खपत होने पर पूरा बिल देना होगा।
100 यूनिट की छूट भी नहीं मिलेगी।
डेढ़ साल में बिजली दरों में चार बार वृद्धि की जा चुकी है।
घरेलू दरों में अब तक कुल 80 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोत्तरी हुई है।
कृषि पंपों के लिए 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि सर्वाधिक है।
दीपक बैज ने कहा कि, “कोयला, पानी और जमीन सब कुछ छत्तीसगढ़ का है, फिर भी राज्य की जनता को महंगी बिजली दी जा रही है। कांग्रेस इस अन्याय के खिलाफ जनता के साथ खड़ी है और सड़कों पर उतरकर लड़ाई लड़ेगी।”
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने दी थी सफाई
इस मामले में बालोद जिले के दौरे पर पहुंचे उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि— “सरकार मुफ्त बिजली की ओर बढ़ रही है। योजना को सोलर नीति से जोड़कर उपभोक्ताओं को लंबी अवधि में सस्ती और सुलभ बिजली देने की दिशा में काम किया जा रहा है।”उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि उपभोक्ता सोलर ऊर्जा का उपयोग कर सरकारी सब्सिडी का लाभ लें और बिजली पर होने वाला खर्च घटे।
जनता के बीच जाएगा मामला
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, बिजली बिल हाफ योजना पर बना यह विवाद आगामी चुनावों से पहले राजनीतिक मुद्दा बन सकता है। कांग्रेस इसे सीधे आमजन से जोड़कर मैदान में उतर रही है, जबकि भाजपा इसे नीति सुधार बताकर आगे बढ़ रही है।




















