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पेंड्री जंगल में मादा हिरण की मौत, सोशल मीडिया अफवाहों को वन विभाग ने किया खारिज..ऐसे हुई मौत

बालोद। डौंडी ब्लॉक के वनांचल क्षेत्र पेंड्री गांव के जंगल में एक मादा हिरण की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया कि हिरण को शिकारियों ने गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। मामला जंगल और वन्यजीवों से जुड़ा होने के कारण यह खबर तेजी से फैल गई और लोगों में आक्रोश की लहर देखी गई।

इस पूरे प्रकरण की सच्चाई जानने के लिए प्रदेशरुचि की टीम मौके पर पहुंची और डौंडी परिक्षेत्र के वन अधिकारियों से बातचीत की। जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर, क्षेत्रीय रेंजर जीवनलाल भांडेरकर ने प्रदेशरुचि से चर्चा में स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया में फैलाई जा रही शिकारी द्वारा गोली मारने की बात पूरी तरह निराधार है।

कुत्तों के हमले से घायल हुई थी हिरण

रेंजर भांडेरकर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि मादा हिरण पर आवारा कुत्तों ने हमला किया था। कुत्तों के दौड़ाने और दांतों के निशान मृत हिरण के शरीर पर स्पष्ट रूप से पाए गए हैं। घायल अवस्था में हिरण को बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी पुष्टि

वन विभाग की टीम ने मृत हिरण का पोस्टमार्टम  भी कराया, जिसमें प्रारंभिक रिपोर्ट में यही तथ्य सामने आया कि मौत कुत्तों के काटने से हुई है। विभागीय प्रक्रिया के तहत मृत हिरण का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया है।

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