जानकारी के अनुसार, शनिवार को ग्राम ढोरीठेमा के जंगलों में तीन युवक संदिग्ध परिस्थितियों में शिकार करते देखे गए। ग्रामीणों की सूचना पर डौंडी वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर तीनों को पकड़ लिया।

बरामद वन्यजीवों पक्षियों की जानकारी:
पकड़े गए युवकों के पास से 15 नग पड़की पक्षी, 3 हरिल, 1 बाज, 1 लावा बटेर, और 2 गिलहरियाँ मृत अवस्था में बरामद हुईं। सभी संरक्षित प्रजातियाँ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत आती हैं।
ग्राम मथेना के रहने वाले हैं आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ग्राम मथेना के रहने वालों के रूप में हुई है। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि वे बंदरों को भगाने के बहाने शिकार के इरादे से जंगल में पहुंचे थे। उनके पास से दो नई एयरगन और छर्रे भी जब्त किए गए।
वन विभाग ने दिखाई तत्परता
डौंडी परिक्षेत्र के रेंजर जीवन लाल भांडेरकर ने बताया कि वन समिति के सदस्यों और ग्रामीणों की सतर्कता से यह कार्रवाई संभव हो सकी। आरोपियों के खिलाफ वन्य प्राणी अधिनियम की धाराओं में सख्त कार्रवाई की गई है और उन्हें न्यायालय में पेश किया गया। “सूचना मिलते ही टीम रवाना की गई और घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को पकड़ा गया। उनके पास से संरक्षित प्रजातियों के पक्षियों और हथियार बरामद किए गए हैं। जांच आगे भी जारी है।”— जीवन लाल भांडेरकर, रेंजर, डौंडी परिक्षेत्र
समाज की सतर्कता बनी हथियार
इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हुआ है कि ग्रामीणों की जागरूकता और विभाग की तत्परता मिलकर वन्यजीवों की सुरक्षा में बड़ी भूमिका निभा सकती है। एक तरफ जंगलों की जैव विविधता को खतरा है, तो दूसरी ओर स्थानीय जनसमुदाय की सजगता आशा की किरण बनकर उभरी है।
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