बालोद, ।शेयर मार्केट में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर बीएसपी के इंजीनियर से करीब 36 लाख की ठगी करने वाले गिरोह को बालोद पुलिस ने राजस्थान से दबोच लिया। साइबर सेल और थाना राजहरा की टीम ने झुंझुनूं जिले में दबिश देकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उनके पास से 3 लाख रुपये नकद, 6 मोबाइल फोन, और HDFC, IDBI व CANARA बैंक की चेकबुक जब्त की है। आरोपियों के बैंक खातों में जमा फर्जीवाड़े से जुटाई गई करोड़ों की रकम को भी फ्रीज कर दिया गया है।
ठगी का तरीका: शेयर ग्रुप से जोड़ा, फिर पैसे ऐंठे
बीएसपी इंजीनियर ने 17 जुलाई को थाना राजहरा में शिकायत दी थी कि उन्हें मई से जून के बीच एक शेयर ट्रेडिंग ग्रुप में जोड़ा गया। ज्यादा मुनाफे का लालच देकर अलग-अलग किस्तों में ₹35,86,740 की ठगी की गई।
शिकायत पर थाना राजहरा में अपराध क्रमांक 232/25 दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी योगेश कुमार पटेल के निर्देश पर एक विशेष टीम बनाई गई। तकनीकी जांच और बैंक खातों की पड़ताल के बाद ठगों का पता राजस्थान के झुंझुनूं में चला।
राजस्थान में कैंप लगाकर की गई कार्रवाई
टीम झुंझुनूं पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपियों की घेराबंदी कर तीनों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों को बालोद लाकर कोर्ट में पेश कर रिमांड पर भेजा गया है।
गिरफ्तार आरोपी
1. रामनिवास मुंड पिता महावीर प्रसाद, उम्र 36 वर्ष, ग्राम खुदास, थाना गोठड़ा, जिला झुंझुनूं (राजस्थान)
2. मनीष कुमार पिता महेश सिंह, उम्र 26 वर्ष, ग्राम कैसेरु, थाना मुकुंदगढ़, जिला झुंझुनूं
3. विवेक दतुसेलिया पिता उमेद सिंह, उम्र 26 वर्ष, ग्राम कैसेरु, थाना मुकुंदगढ़, जिला झुंझुनूं
टीम को मिला सफलता का श्रेय
गिरोह को पकड़ने में थाना प्रभारी राजहरा रविशंकर पांडेय, सायबर सेल प्रभारी धरम भुआर्य, प्रधान आरक्षक रूम लाल चुरेंद्र, आरक्षक राहुल मनहरे, संदीप यादव, पुरण देवांगन, मिथिलेश यादव, भोप साहू, विपिन गुप्ता, योगेश पटेल, गुलझारी साहू और सुरेंद्र देशमुख की टीम की अहम भूमिका रही।
साइबर अपराध पर लगातार शिकंजा
बालोद पुलिस की टीम ने एक बार फिर दूसरे राज्य से साइबर ठगों को पकड़कर यह साबित किया है कि तकनीकी अपराधों पर नियंत्रण की दिशा में जिले की पुलिस पूरी गंभीरता और तेजी से काम कर रही है।




















