बालोद।जिले की कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने आज पंचायत प्रतिनिधियों को जिम्मेदारी और जागरूकता का संदेश देते हुए कहा कि “सरकारी योजनाओं का असर तभी दिखेगा, जब पंचायत प्रतिनिधि ज़मीनी स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाएं।”
वे जिला मुख्यालय के पास ग्राम पाकुरभाट में आयोजित जनपद सदस्यों के उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुईं। यहां उन्होंने जिला पंचायत संसाधन केन्द्र की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। कलेक्टर ने पंचायत प्रतिनिधियों को जनता और शासन-प्रशासन के बीच सबसे अहम कड़ी बताते हुए कहा कि उनके प्रयासों से ही गांवों का असली विकास संभव है।

उन्होंने कहा कि “प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि आपकी भूमिका को समझने और बेहतर तरीके से निभाने का मौका है। नियमों की जानकारी से काम में रुकावटें नहीं आतीं, और फील्ड में काम करने से अनुभव निखरता है।”
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर ने सभी जनप्रतिनिधियों से अपने कार्यक्षेत्र में सक्रिय रहकर विकास में भागीदारी निभाने की अपील की और प्रशिक्षण ले रहे सदस्यों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं भी दीं।
इस मौके पर पंचायत विभाग की उपसंचालक काव्या जैन समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। कलेक्टर ने संसाधन केंद्र के अलग-अलग कक्षों का अवलोकन कर वहां की सुविधाओं और संचालन व्यवस्था की समीक्षा की।




















