बालोद, बालोद जिले में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं और उनसे टूटते परिवारों की पीड़ा ने एक बार फिर प्रशासन को कठोर लेकिन जरूरी कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने एक आदेश जारी करते हुए कहा है — अब बिना हेलमेट के किसी भी दोपहिया चालक को पेट्रोल या अन्य ईंधन नहीं मिलेगा।
यह कोई औपचारिक नियम नहीं, बल्कि एक संवेदनशील अपील और सख्त चेतावनी दोनों है। पिछले महीनों में जिले में कई हादसे सिर्फ इसलिए जानलेवा साबित हुए क्योंकि दोपहिया चालक ने हेलमेट नहीं पहना था। कुछ हादसे ऐसे थे, जहाँ अस्पताल की दहलीज़ तक पहुंचने से पहले जीवन की डोर टूट गई — और पीछे रह गए बस चीखते परिवार, खाली घर और टूटे सपने।
कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने बताया कि पुलिस, परिवहन विभाग और स्थानीय निकायों के साथ मिलकर एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। कोशिश यही है कि लोग खुद को सुरक्षित रखें। कई बार समझाइश दी गई, जागरूकता रैली निकली, पोस्टर लगे — लेकिन आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि चेतावनी से ज़्यादा अब जिम्मेदार अनुशासन की जरूरत है।
इसलिए अब आदेश स्पष्ट है — कोई भी पेट्रोल पंप संचालक बिना हेलमेट आए ग्राहक को ईंधन नहीं देगा। मेडिकल इमरजेंसी को छोड़कर कोई छूट नहीं होगी। अगर कोई नियम तोड़ता है तो उस पर कानूनी कार्रवाई होगी।
यह पहली बार नहीं है जब ऐसा आदेश आया हो। पहले भी इस तरह की पहल की गई थी, लेकिन कुछ ही दिनों में लोग उसे भूल गए। इस बार फर्क यह है कि जिला प्रशासन ने जनहित को सर्वोपरि रखते हुए इसे पूरी सख्ती से लागू करने की ठानी है।
यह आदेश सिर्फ एक कागज पर लिखे शब्द नहीं, बल्कि उन तमाम मासूम जिंदगियों की चीख है, जो एक हेलमेट से बच सकती थीं।




















