नई दिल्ली, छत्तीसगढ़ में सड़क और पुलों के ज़रिए विकास की रफ्तार बढ़ने वाली है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से दिल्ली में मुलाकात की, जिसके बाद राज्य के लिए करीब 7000 करोड़ की सड़क परियोजनाओं को हरी झंडी मिलने के आसार हैं।
बैठक में केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को इन योजनाओं को जल्द मंजूरी देने के निर्देश दिए। वहीं केंद्रीय सड़क निधि (CRF) के तहत 600 करोड़ रुपये की राशि को भी मंजूर किया गया है। इससे राज्य में कई पुरानी सड़कों का नवीनीकरण और नई सड़कों का निर्माण संभव हो सकेगा।
रायपुर में कम होगी ट्रैफिक की मार
राजधानी रायपुर की जाम की समस्या को कम करने के लिए शहर में चार नए ब्रिज बनाए जाएंगे, जिनका भूमि पूजन जल्द होगा। साथ ही, रायपुर से अलग-अलग ज़िलों तक की सड़कों को दो लेन से चार लेन में बदला जाएगा, जिससे यात्रा आसान और सुरक्षित होगी।
गति शक्ति पोर्टल से मिलेगी तेजी
अब राज्य की सड़क योजनाएं ‘गति शक्ति पोर्टल’ के ज़रिए केंद्र सरकार तक पहुँचेंगी, जिससे मंजूरी की प्रक्रिया और तेज़ होगी। गडकरी ने रायपुर से बिलासपुर होते हुए दर्री तक छह लेन की नई सड़क के लिए डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने के निर्देश भी दिए हैं। यह सड़क औद्योगिक, कृषि और शैक्षणिक विकास को जोड़ने में मददगार होगी। समृद्धि एक्सप्रेसवे को भी रायपुर तक बढ़ाया जाएगा।
कुछ योजनाओं को मिल चुकी है मंजूरी
कुछ कामों की मंजूरी भी आज ही मिल गई, जिनमें –
NH 130-A का उन्नयन
NH 43 का रेजिंग
NH 30 का स्ट्रेंथनिंग
कुल 115.95 करोड़ की लागत से इन परियोजनाओं पर काम होगा। बिलासपुर शहर के अंदर 15 किलोमीटर की नई सड़क, कटनी-गुमला रूट पर 11 किलोमीटर सड़क और केशकाल के पहाड़ी हिस्से में 4 किलोमीटर सड़क को मज़बूती दी जाएगी।
CM बोले – सड़कें सिर्फ रास्ता नहीं, बदलाव की नींव हैं
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “सड़कें सिर्फ आवागमन नहीं, बल्कि रोज़गार, शिक्षा, स्वास्थ्य और समृद्धि का रास्ता हैं। ‘अंजोर विजन 2047’ के तहत हर गांव और हर नागरिक तक टिकाऊ और बेहतर परिवहन पहुंचाना हमारा लक्ष्य है।”
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह और लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह भी मौजूद रहे।




















