बालोद।जिला मुख्यालय में मध्यान्ह भोजन रसोईया संघ का धरना-प्रदर्शन बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर रसोइयों ने न केवल धरना स्थल पर बैठकर आवाज बुलंद की, बल्कि नगर में रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा। यह ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) को सौंपा गया।

धरना स्थल पर जिलेभर से जुटीं हजारों रसोइयों की उपस्थिति से जिले के कई स्कूलों में मध्यान्ह भोजन व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही। प्रदर्शनकारी रसोइयों की प्रमुख मांगों में कलेक्टर दर पर मानदेय निर्धारित करना, चुनाव के समय भाजपा द्वारा किए गए मोदी की गारंटी के तथा 50% मानदेय वृद्धि के वादे को लागू करना, और छात्र संख्या घटने पर रसोइयों की सेवा समाप्त न करना शामिल हैं।
जिला अध्यक्ष नुकेश सोनवानी ने कहा, “हम लंबे समय से शांतिपूर्ण ढंग से प्रशासन को अपनी मांगों से अवगत करा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। यदि सरकार ने जल्द हमारी बात नहीं सुनी, तो हम उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।”
प्रदर्शन का असर जिले के ग्रामीण अंचलों तक भी देखा गया, जहां अधिकांश स्कूलों में बच्चों को मध्यान्ह भोजन नहीं मिल सका। रसोइयों ने दो टूक कहा है कि जब तक उन्हें स्थायी और न्यायपूर्ण समाधान नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा।




















