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बालोद में बारिश भी नहीं रोक सकी आस्था की लहर: धर्मांतरण, प्रार्थना सभा और कब्रिस्तान की मांग के खिलाफ हिंदू समाज की गरजती आवाज

बालोद। धर्मांतरण, अवैध प्रार्थना सभा और ईसाई कब्रिस्तान की मांग जैसे संवेदनशील मुद्दों को लेकर बालोद जिले में हिंदू समाज का आक्रोश फूट पड़ा। मंगलवार को ग्राम हीरापुर से सैकड़ों ग्रामीणों और विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने बारिश के बीच आक्रोश रैली निकाली। लगातार बारिश के बावजूद लोगों का जोश थमा नहीं, ग्रामीण हाथों में छाते लिए और भीगते हुए ट्रैक्टरों में सवार होकर जिला मुख्यालय पहुंचे।

हीरापुर से प्रारंभ हुई रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए बालोद तहसील कार्यालय पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमें धर्मांतरण, प्रार्थना सभाओं और कब्रिस्तान की मांग जैसे मामलों को गंभीर बताते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज कराई गई।

हिंदू संगठनों ने लगाए गंभीर आरोप

ज्ञापन में कहा गया कि जिले के अनेक ग्रामों — हीरापुर, सिवनी, डौंडी नगर, मरकाटोला, गुदुम, पसौद, साल्हे बाजार, संजारी, अर्जुन्दा के मनकी-माहूद बी, गुंडरदेही के रेंगाकठेरा, दल्ली राजहरा और गुरुर क्षेत्र के धनोरा-सनोद-भोथली — में अवैध रूप से प्रार्थना सभाओं का संचालन किया जा रहा है, जिनका मकसद मतांतरण को बढ़ावा देना है।

संगठन ने आरोप लगाया कि ऐसे कार्यक्रमों के चलते ग्रामीणों में वैमनस्य और सामाजिक तनाव की स्थिति बन रही है। कई जगहों पर दो पक्षों के बीच विवाद की नौबत आ चुकी है। इससे पूर्व डौंडीलोहारा के पिपरखार-गोटीटोला और हाल ही में ओरमा गांव में मंदिरों और शिवलिंग को क्षति पहुंचाई गई, लेकिन अभी तक जांच पूरी नहीं हुई।

गौ तस्करी का भी किया खुलासा

ज्ञापन में जिले के दो बड़े मवेशी बाजार — खेरथा और करहीभदर — का हवाला देते हुए बताया गया कि गौ तस्कर खरीद-बिक्री की आड़ में मवेशियों की तस्करी कर रहे हैं। तांदुला, देहान जंगल, बड़भूम और चारामा से सटे क्षेत्रों से यह गतिविधियां तेज हो गई हैं। डौंडी नगर पंचायत के गौठान से भी मवेशियों के गायब होने की शिकायत सामने आई है।

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हीरापुर में कब्रिस्तान की मांग पर जताई आपत्ति

ग्राम हीरापुर के कुछ ईसाई धर्मावलंबियों द्वारा कब्रिस्तान के लिए भूमि की मांग को लेकर भी हिंदू समाज ने आपत्ति जताई। संगठन ने तर्क दिया कि मांगकर्ता भले ही जातिसूचक हिंदू सरनेम का प्रयोग कर रहे हों, परंतु वे ईसाई धर्म के अनुयायी हैं, जिन्हें बालोद शहर में पहले से उपलब्ध ईसाई कब्रिस्तान का उपयोग करना चाहिए। ऐसे में हीरापुर जैसे शांतिप्रिय गांव में कब्रिस्तान की नई मांग केवल धार्मिक तनाव को जन्म दे सकती है।

प्रशासन ने मानी मांगें, कब्रिस्तान की मंजूरी नहीं

संगठन के पदाधिकारियों ने बताया हिंदू संगठनों और ग्रामीणों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हीरापुर में कब्रिस्तान के लिए कोई भूमि आवंटित नहीं की जाएगी। अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक की मौजूदगी में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिले में चल रहे अवैध प्रार्थना सभाओं की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

एकजुट हुआ हिंदू समाज, बरसात में भी नहीं थमा जनसैलाब

इस आक्रोश रैली की खास बात यह रही कि तेज बारिश भी हिंदू समाज की एकता और संकल्प को नहीं डिगा सकी। ट्रैक्टरों में सवार होकर, छाते लिए और कई बार भीगते हुए सैकड़ों ग्रामीणों ने बालोद पहुंचकर अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाई।

 

प्रमुख उपस्थित लोग:

रैली में विश्व हिंदू परिषद अध्यक्ष बलराम गुप्ता, जिला मंत्री राजेश सोनी, विनोद साहू, अजय अग्रवाल, सत्या साहू, पूजा जैन, नीलेश श्रीवास्तव, रूपेश सिन्हा, शंकर साहू, उमेश सेन, हीरापुर सरपंच सहित ग्राम विकास समिति अध्यक्ष हेमंत साहू, कुशल ठाकुर, रमेश निषाद, तुषार डिमर, सोनू भारद्वाज सहित दर्जनों गणमान्य ग्रामीण उपस्थित रहे।

संदेश साफ है — धर्मांतरण और समाज विघटन के खिलाफ हिंदू समाज अब चुप नहीं बैठेगा।

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