बालोद। जिले में बीते 15 दिनों से रुक-रुक कर हो रही लगातार बारिश का असर अब प्रमुख जलाशयों में देखने को मिल रहा है। जिले के सबसे बड़े जलाशय तांदुला में तेजी से जलभराव हो रहा है और 26 जुलाई की स्थिति में जलस्तर 23.50 फीट तक पहुंच चुका है। सिंचाई विभाग का अनुमान है कि यदि बारिश की गति बनी रही, तो इस वर्ष तांदुला जलाशय का ओवरफ्लो होना लगभग तय है, हालांकि इसके लिए अभी लगभग 15.50 फीट अतिरिक्त जल की आवश्यकता है।
17 दिनों में 16.10 फीट का जलभराव
9 जुलाई को तांदुला जलाशय में जलस्तर 17.50 फीट था, जो अब 23.50 फीट हो चुका है। यानी मात्र 17 दिनों में 16.10 फीट पानी भर गया है। लगातार बारिश और कैचमेंट एरिया से हो रही आवक के कारण जलस्तर में तेजी से वृद्धि जारी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अभी बारिश का समय बचा हुआ है, जिससे आगे और जलभराव की संभावना है।
अन्य जलाशयों की स्थिति भी बेहतर
जिले के अन्य प्रमुख जलाशयों में भी पानी का स्तर संतोषजनक है।
गोंदली जलाशय में 21.50 फीट
खरखरा जलाशय में 12.50 फीट
मटियामोती जलाशय में 3 मीटर जलभराव हो चुका है।
गोंदली में 9 जुलाई को 16 फीट जलस्तर था, जो अब 21.50 फीट पहुंचा है, यानी इसमें 17 दिनों में केवल 5.50 फीट की वृद्धि हुई है।
किसानों के लिए राहत की उम्मीद
प्रमुख जलाशयों में पानी भरने से किसानों के चेहरों पर भी राहत के भाव हैं। सिंचाई की दृष्टि से यह स्थिति अनुकूल मानी जा रही है। भरपूर जलभराव न केवल खरीफ फसलों को संजीवनी देगा, बल्कि भू-जल स्तर भी बढ़ेगा, जिससे कुएं, बोर और अन्य जल स्रोतों को भी जीवन मिलेगा।
जिले के प्रमुख जलाशयों में वर्तमान जलभराव स्थिति:
जलाशय जलभराव स्तर
तांदुला 23.50 फीट
गोंदली 21.50 फीट
खरखरा 12.50 फीट
मटियामोती 3 मीटर
अगर आने वाले दिनों में अच्छी बारिश जारी रहती है, तो जिले के सभी जलाशयों के ओवरफ्लो होने की संभावनाएं प्रबल हैं। इससे न केवल सिंचाई व्यवस्था सशक्त होगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में जलश्रोत स्तर में भी सुधार होगी।




















