बालोद।कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने शुक्रवार सुबह संयुक्त जिला कार्यालय में अचानक निरीक्षण किए। इस दौरान कई विभागों के अफसर और कर्मचारी अपनी सीटों से नदारद मिले। इससे नाराज कलेक्टर ने अनुपस्थितों को कारण बताओ नोटिस देने और जवाब असंतोषजनक मिलने पर एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए।
इन पर गिरी गाज:
जिला खनिज अधिकारी मीनाक्षी साहू, समग्र शिक्षा के जिला समन्वयक अनुराग त्रिवेदी, कोषालय अधिकारी मुकुंद भारद्वाज, आबकारी अधिकारी योगेश्वर द्विवेदी, सहायक खाद्य अधिकारी श्रद्धा दिल्लीवार सहित कई कर्मचारी जैसे टिकेश्वर निषाद, गिरधर, फगवाराम, द्रोपदी बाई सोनसर्वे और दिनेश मण्डावी निरीक्षण के वक्त मौजूद नहीं थे।
कलेक्टर मिश्रा ने सभी के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी और कहा कि भविष्य में समय पर कार्यालय न पहुंचने पर और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
बायोमेट्रिक से होगी पुष्टि:
कई कर्मचारियों ने दलील दी कि वे कार्यालय में हाजिरी के बाद सरकारी काम से बाहर गए थे। इस पर कलेक्टर ने उनके बायोमेट्रिक हाजिरी की जांच कराने को कहा।
स्वच्छता और व्यवस्था पर खास जोर:
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विभिन्न शाखाओं जैसे खनिज, जनसंपर्क, शिक्षा, खाद्य, आदिवासी कल्याण, हथकरघा, श्रम, सांख्यिकी आदि का दौरा किया और ऑफिस की साफ-सफाई, दस्तावेजों की व्यवस्थित रखने और टेबल-कुर्सी की साज-सज्जा पर भी सख्त हिदायत दी।
उन्होंने कहा, “दफ्तर की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। साफ-सुथरा और सुव्यवस्थित माहौल ही काम के प्रति सकारात्मकता लाता है।”
हरे-भरे पौधे लगेंगे बरामदों में:
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि कार्यालय परिसर और बरामदों में नियमित सफाई के साथ गमले भी लगाए जाएं, ताकि वातावरण खुशनुमा हो।
ड्यूटी में कोताही नहीं चलेगी:
कलेक्टर मिश्रा ने साफ कहा कि सभी अधिकारी-कर्मचारी सुबह 10 बजे से शाम 5:30 बजे तक ऑफिस में उपस्थित रहें और पूरे समर्पण के साथ जिम्मेदारी निभाएं।




















