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देवरी थाना प्रभारी पर रिश्वतखोरी का आरोप — पहले भी हो चुकी शिकायतें,जनता कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी

बालोद।देवरी थाना प्रभारी दिनेश कुर्रे एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं। ताजा मामला राजनांदगांव निवासी पंकज सिन्हा से जुड़ा है, जिन्होंने थाना प्रभारी पर कार्यवाही के एवज में 10,000 रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि देवरी थाना में गाली-गलौज की शिकायत देने के बाद दो दिन तक कोई सुनवाई नहीं हुई। जब वह स्वयं थाने पहुंचे, तब कथित रूप से उन्हें साफ कहा गया कि “बिना खर्चा दिए कोई कार्यवाही नहीं होगी।”

इस मामले को लेकर जनता कांग्रेस ने एसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है और 7 दिनों के भीतर थाना प्रभारी को हटाकर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय में कार्यवाही नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी ज़िम्मेदारी प्रशासन की होगी।

गौरतलब है कि यह पहला मामला नहीं है। देवरी थाना प्रभारी पर पूर्व में भी कई आरोप लग चुके हैं। देवरी थाना अंतर्गत आने वाली पिनकापार चौकी के ग्रामीणों ने पहले भी शिकायती आवेदन दिए थे। इतना ही नहीं, 20 जुलाई को बालोद प्रवास पर आए छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री के समक्ष भी देवरी क्षेत्र के भाजपा नेताओं ने दिनेश कुर्रे की शिकायत की थी।

जनता कांग्रेस के जिलाध्यक्ष का कहना है कि इससे पहले भी एक मामले में थाना प्रभारी ने कथित तौर पर आवेदक पक्ष से 40 हजार रुपए की मांग की थी। उस वक्त सहमति बनने के कारण कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी, लेकिन अब दोबारा इसी तरह का मामला सामने आने से आमजन में आक्रोश फैल रहा है।

उन्होंने कहा कि थाने को जहां न्याय का प्रतीक माना जाता है, वहीं देवरी थाना प्रभारी की कार्यशैली ने लोगों का विश्वास डगमगाया है। लगातार भ्रष्टाचार, दबाव और असंवेदनशील रवैए की वजह से थाने की छवि प्रभावित हो रही है।

अब देखना यह होगा कि पुलिस प्रशासन इस गंभीर शिकायत को कितनी तत्परता और पारदर्शिता से लेता है।

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