रानीदहरा जलप्रपात में फिर एक मौत, सुरक्षा इंतजामों की खुली पोल; डूबे युवक की तलाश जारी
कवर्धा, ।छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल रानीदहरा जलप्रपात एक बार फिर हादसे का गवाह बना है। रविवार को यहां पिकनिक मनाने आए लोगों में से तीन लोग पानी के तेज बहाव में बह गए, जिनमें से एक व्यक्ति की मौत हो गई, एक महिला को बचा लिया गया, जबकि एक युवक की तलाश अब भी जारी है।
हादसे में मुंगेली निवासी नरेंद्र पाल सिंह छाबड़ा (उम्र 45 वर्ष), पिता औतार सिंह की पानी में डूबने से मौत हो गई। उनका शव जलप्रपात से करीब 3 किलोमीटर दूर बरामद किया गया। वहीं, बेमेतरा की सुनीता मरावी, पति मंगल मरावी को स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बोड़ला भेजा गया है।
तीसरा व्यक्ति – लेखराज सोनवानी, पिता जगदीश सोनवानी, निवासी बेमेतरा की तलाश एनडीआरएफ और पुलिस की टीम द्वारा रातभर जारी है, लेकिन अंधेरा होने के कारण राहत व बचाव कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं।
30 सदस्यीय टीम आई थी पिकनिक पर
बताया जा रहा है कि मुंगेली जिले से करीब 30 लोगों का समूह रानीदहरा जलप्रपात की सैर पर आया था। इसी दौरान यह हादसा हुआ। घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पानी का बहाव तेज होने की वजह से यह दुर्घटना हुई। यह वही स्थान है जहां कुछ माह पहले राज्य के डिप्टी सीएम अरुण साव के भतीजे की भी डूबने से मौत हो गई थी।
सुरक्षा इंतजाम नदारद, प्रशासन पर सवाल
लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बावजूद रानीदहरा जलप्रपात पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम अब तक नहीं किए गए हैं। न तो चेतावनी बोर्ड हैं, न ही गोताखोर या गाइड की स्थायी व्यवस्था। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासनिक लापरवाही के चलते हर साल इस जगह कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
बचाव कार्य में जुटी टीमें
घटना की जानकारी मिलते ही बोड़ला थाना पुलिस, एनडीआरएफ, स्थानीय गोताखोर एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। देर शाम तक डूबे युवक की तलाश जारी रही।
प्रशासन की प्रतिक्रिया?
इस हादसे के बाद अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। परिजनों और ग्रामीणों की मांग है कि इस क्षेत्र को संवेदनशील स्थल घोषित कर सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू किया जाए।




















