बालोद | कभी याद कीजिएगा आज का दिन… जब एक छोटे से ज़िले ने देश को पर्यावरण प्रेम का सबसे बड़ा पाठ पढ़ाया।
एक लाख 74 हजार पौधे… और हर पौधा माँ के नाम।
बालोद में हुआ वृक्षारोपण सिर्फ एक आयोजन नहीं, एक सच्चा जनआंदोलन था – जहाँ नेता, अफसर, कर्मचारी से लेकर आम नागरिक तक, हर कोई मिट्टी से जुड़ा और अपनी माँ को नमन करते हुए हरियाली का व्रत लिया।

इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, जिन्होंने इसे एक “पावन और प्रेरक प्रयास” कहा। उन्होंने अपनी माता कृष्णादेवी शर्मा के नाम से पौधा रोपित किया। सांसद भोजराज नाग ने माँ नूतन बाई नाग के नाम से पौधा लगाया। ज़िला पंचायत अध्यक्ष तारणी चंद्राकर ने अपनी माँ कलाबाई को पौधरोपण के जरिए श्रद्धांजलि दी। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने अपनी माँ लिली यादवेन्द्र के नाम पौधा लगाकर नेतृत्व का नया मानक रचा।

लेकिन असली कहानी तब शुरू होती है जब यह प्रयास, सीमित चेहरों तक नहीं रहता। पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल, डीएफओ अभिषेक अग्रवाल, अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक और अजय किशोर लकरा, जनप्रतिनिधि चेमन देशमुख, बिरेन्द्र साहू, प्रीतम साहू, प्रतिभा चौधरी,देवलाल ठाकुर, सरस्वती टेमरिया, यशवंत जैन,यज्ञदत्त शर्मा, राकेश यादव, लाल निवेंद्र,कुसुम शर्मा,बहुर सिंह नेताम सहित … हर किसी ने न केवल रोपण किया, बल्कि माँ के नाम हरियाली का वचन दिया।

बालोद के कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने इस पूरे अभियान को “इतिहास बनाने का मौका” कहा – और यह सच भी है। उनका नेतृत्व इस अभियान की आत्मा बनकर उभरा। उन्होंने कहा, “यह महज़ वृक्षारोपण नहीं, हमारी ज़िम्मेदारी की वापसी है – माँ के नाम हरियाली, जल-जतन और पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य।”
कार्यक्रम को पाँचों विकासखंडों, सभी नगरपालिका क्षेत्रों और गांवों से जोड़ने के लिए वेबएक्स और सोशल मीडिया का इस्तेमाल हुआ। एक जिलाधिकारी की दूरदर्शिता और टीम भावना ने पौधरोपण को जन-उत्सव में बदल दिया।

उप मुख्यमंत्री ने “एक पेड़ माँ के नाम” को सिर्फ अभियान नहीं, संस्कारों का वृक्ष कहा। उन्होंने कहा – “जब माँ संकल्प लेती है, तो वो पूरा होता है। आज बालोद की हर माँ हरियाली की माँ बन गई।”

सम्मान भी, समर्पण भी
कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण में विशेष योगदान देने वाले डॉ. पद्म जैन, चंद्रकांत कौशिक, डिम्पी बैस, डॉ. प्रदीप जैन, अश्वनी नायक सहित भिलाई स्टील प्लांट, निको, ICICI बैंक, राइस मिल एसोसिएशन और पेट्रोल पंप एसोसिएशन को प्रतीकचिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

अब ये सिर्फ वृक्ष नहीं, वचन हैं…
उप मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष रोपे गए अपने नीम पौधे के पल्लवित होने पर गर्व जताया। हर उपस्थित व्यक्ति को एक संकल्प दिलाया गया – एक पेड़ माँ के नाम, और उसकी पूरी देखभाल।
सांसद भोजराज नाग ने पुराणों की बात याद दिलाई – “एक वृक्ष दस पुत्रों के बराबर होता है।” उन्होंने जल संरक्षण और तालाब निर्माण को इस हरियाली के साथ जोड़ने की बात की।
कल का हरियाला इतिहास, आज लिखा गया
बालोद का यह अभियान आने वाले समय में मिसाल बनेगा। गिरते भूजल स्तर को लेकर उठी चिंताओं के बीच, जब जिले का गुरूर ब्लॉक ‘क्रिटिकल ज़ोन‘ घोषित हुआ, तब कलेक्टर और उनकी टीम ने जल-जतन और हरियाली को हथियार बनाया – और यही सोच आज देश को दिशा दे रही है।

कभी एक पौधा लगाकर भूल जाते थे, आज एक पौधा माँ के नाम लगाकर जिम्मेदारी उठाई जा रही है।
बालोद ने बता दिया – हरियाली सरकार की नहीं, समाज की ज़िम्मेदारी है।
और जब समाज जागता है, तो इतिहास बनता है।




















