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बालोद जिले के इस गांव में मुरूम माफिया का तांडव! पेड़ कटे, जमीन तालाब बनी – प्रशासन बेखबर

बालोद। जिले के गुरूर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम कोसमी में अवैध मुरूम खनन की चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। लगातार मुरूम की खुदाई से जहां एक ओर कई एकड़ ज़मीन गड्ढों में तब्दील हो गई है, वहीं दूसरी ओर हरे-भरे पेड़ों की बलि चढ़ा दी गई है। सबसे हैरानी की बात यह है कि ये सब प्रशासन की आंखों के सामने हो रहा है और अब तक कोई ठोस कार्यवाही सामने नहीं आई है।

कैमरे के सामने भागे जेसीबी और ट्रैक्टर

जब मीडिया टीम मौके पर कवरेज के लिए पहुंची, तो खनन में लगे जेसीबी और ट्रैक्टर कैमरे देखकर मौके से भागते नजर आए। गांव के भीतर ही दो जेसीबी मशीन और तीन हाइवा ट्रक मुरूम ढोने के लिए तैनात मिले।

ग्रामीणों की चुप्पी भी सवालों के घेरे में

गांव के कुछ लोगों से जब इस पर बात की गई, तो उन्होंने खुद को अनभिज्ञ बताया। जिससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि या तो माफिया के डर से लोग बोलने से कतरा रहे हैं, या फिर गांव में भी इस अवैध खनन को मौन स्वीकृति मिली हुई है। इसके पीछे एक कारण यह भी माना जा रहा है जिस जमीन पर खुदाई की जा रही उसे निजी बताया जा रहा है लेकिन इस जमीन पर मुरूम खनन   और पेड़ों की कटाई को लेकर कोई अनुमति नहीं ली गई।

प्राकृतिक नुकसान और राजस्व को भी चोट

अवैध खनन से सिर्फ पर्यावरण को ही नुकसान नहीं हुआ है, बल्कि शासन के खजाने को भी सीधा नुकसान पहुंचाया गया है। जंगल के बड़े हिस्से में हरियाली को खत्म कर गड्ढों में तब्दील कर दिया गया है। यह न सिर्फ कानून का उल्लंघन है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के पर्यावरणीय अधिकारों का भी हनन है।

प्रशासनिक प्रतिक्रिया

 मीनाक्षी साहू, जिला खनिज अधिकारी ने कहा:
“मामले की जानकारी आपसे मिली है। टीम भेजकर जांच करवाते हैं।”

 डिंपी बैंस, एसडीओ फॉरेस्ट ने कहा :
“खनन का मामला राजस्व और माइनिंग विभाग से जुड़ा है। पेड़ों की कटाई की जांच करवाई जाएगी।”

अब तक क्यों नहीं हुई कार्रवाई?

यह सबसे बड़ा सवाल है। जब अवैध खनन की खबरें लगातार मिल रही हैं, तो कार्यवाही क्यों नहीं हो रही? किसकी शह पर ये सब हो रहा है? क्या प्रशासनिक तंत्र माफियाओं के आगे बेबस है?

तत्काल कार्रवाई की ज़रूरत

जनता और पर्यावरण प्रेमियों की मांग है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच हो, दोषियों पर सख्त कार्यवाही की जाए और वन क्षति की भरपाई के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

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